छत्तीसगढ़

रविवि में अब परीक्षा फॉर्म भरने की तारीख 21 तक… ऑनलाइन आवेदन की गलतियों को छात्र खुद सुधार सकेंगे

काकाखबरीलाल, रायपुर

पंडित रविशंकर शुक्ल विवि में परीक्षा फार्म भरने में ढेरों दिक्कतें आ रही हैं। फार्म भरने के दौरान बार-बार सर्वर डाउन हो रहा है। सोमवार को परीक्षार्थी फार्म भरने के बाद उसकी हार्ड कॉपी निकालने के लिए भटकते रहे। रविवि में बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे। शिकायतों को सुनने के लिए रविवि ने हालांकि दो काउंटर बना रखे हैं, लेकिन यहां भी भीड़ रही। परीक्षार्थी घंटों लाइन पर खड़े रहे। आखिरकार रविवि प्रबंधन ने आवेदन करने की तारीख बढ़ाकर 21 जनवरी तक बिना विलंब शुल्क के साथ कर दी है। इसके पहले आवेदन की अंतिम तिथि 17 जनवरी रखी गई थी। वार्षिक परीक्षा फार्म के लिए नियमित व प्राइवेट परीक्षार्थी परीक्षा फार्म भर रहे हैं। परीक्षा में शामिल होने जा रहे परीक्षार्थियों को इस बार भी ऑनलाइन आवेदन करना पड़ रहा है। आवेदन करते समय ही तरह-तरह की त्रुटियां आ रही हैं। अब तक रविवि को करीब 90 हजार आवेदन मिले हैं, जबकि हर साल पौने दो लाख परीक्षार्थी परीक्षा देते हैं। स्नातक स्तर पर बीए ,बीकॉम, बीएससी, बीएड, एमए, एमकॉम आदि के परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।

ऑनलाइन आवेदन की गलतियों को छात्र खुद सुधार सकेंगे, विरोध के बाद बदला सिस्टम

पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन फार्म में होने वाली गलतियों को अब छात्र ऑन लाइन सिस्टम से सुधार सकेंगे। उनके पास एक बार का विकल्प नहीं रहेगा। अब छात्र जितनी बार चाहेंगे फार्म में जरूरी संशोधन या सुधार कर सकेंगे। विवि प्रबंधन ने ऑनलाइन आवेदन के सिस्टम में बदलाव करते हुए नई व्यवस्था कर दी है। अभी तक केवल एक बार ही संशोधन का विकल था। इस वजह से रविवि के सुधार काउंटर में खासी भीड़ लग रही थी। छात्र-छात्राओं की भीड़ को देखते हुए ही नई व्यवस्था लागू की गई है।

परीक्षा के ऑन लाइन फार्म में अजीबोगरीब तरह की गड़बड़ी हो रही है। छात्र भले ही अपना नाम और पता सही लिख रहे है, लेकिन अपने आप उनके नाम या पते बदल जा रहे हैं। किसी छात्र के परिजनों के नाम में गलत प्रिंट हो जा रहा है। किसी विद्यार्थी का फोटो किसी दूसरे से बदल जा रहा है। ऑन लाइन फार्म भरने के बाद गड़बड़ी को सुधारने का एक ही विकल्प होने के कारण विद्यार्थी अपने फार्म की सभी गड़बड़ियों को ठीक नहीं कर पा रहे थे। उन्हें फार्म की गड़बड़ी सुधारने के लिए विवि आना पड़ रहा है। विवि में एक ही काउंटर होने के कारण छात्रों की भीड़ लग रही है। सुबह से लंबी कतार में शामिल होने के बाद भी कई विद्यार्थियों के फार्म में सुधार नहीं हो रहा है। सिस्टम में खामी से नाराज विद्यार्थियों की शिकायत के बाद नया फार्मूला तैयार किया गया है। इसके तहत छात्रों को एक बार की जगह संशोधन का विकल्प बढ़ा दिया गया है। जिससे छात्र आवेदन में आने वाली हर तरह की गलतियों को खुद सुधार कर सकेंगे। विश्वविद्यालय के अफसरों का मानना है कि यह नई व्यवस्था आवेदन के क्रम में आने वाली गलतियों को सुधारने में मददगार साबित होगा।

फार्म भरने के बाद नहीं हो रहा सबमिट

आलम यह है कि परीक्षा फार्म भरने के बाद भी सबमिट नहीं हो पा रहा है। आवेदन भरते समय किसी की फोटो में दूसरे की फाटो में लग जा रही है तो किसी के अकाउंट से पैसे ही नहीं कट रहे हैं। इसी तरह से कई के विषय ही बदल गये हैं। इस तरह की तमाम गड़बड़ियां हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद प्रिंट कॉपी भी जमा करनी है। इस बार विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षा छह मार्च से होगी।

इतनी लगेगी फीस

प्राइवेट की परीक्षा फीस स्नातक स्तर पर व स्नातकोत्तर स्तर पर दोनों में 1610 रुपये है। नियमित परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा फीस 1085 से लेकर 1610 रुपये है। बीए, बीए क्लासिक्स, बीकॉम की नियमित छात्रों की परीक्षा फीस 1100 है। बीएससी की 1130 रुपये है। बीसीए 1810, बी.लिब आईएससी की परीक्षा फीस 1085 है।

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काका खबरीलाल

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