बाघ की धमक से गांवों में दहशत

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अलका मानपुर गांव में बाघ की धमक से ग्रामीणों में दहशत है। बाघ ने दर्जनभर पालतू पशुओं का शिकार किया है। सूचना के बाद वन अमला गांव पहुंचा, जहां बाघ के पदचिन्ह मिले हैं। जंगल में गश्त भी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को जंगल की तरफ नहीं जाने और सतर्कता बरतने मुनादी कराई गई है। ग्रामीणों के बताए अनुसार जगहों से पदचिन्हों के फोटोग्राफ्स लेकर वन्य प्राणी विशेषज्ञ को उपलब्ध कराया गया, जिसमें बाघ द्वारा ही घटना को अंजाम देने की बात सामने आई है। डीएफओ विवेकानंद झा ने वन अमले के साथ आसपास के क्षेत्रों का दौरा भी किया।बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र के ग्राम अलका मानपुर में बाघ की धमक से ग्रामीण दहशत में है। बाघ ने दर्जनभर पालतू पशुओं का शिकार किया है। सूचना के बाद वनमंडल अधिकारी विवेकानंद झा संबंधित गांव पहुंचे। घटनास्थल के आसपास बाघ के पंजों के निशान पाए गए हैं। ग्रामीणों के बताए अनुसार सालभर पहले भी क्षेत्र में बाघ आया था। अब फिर बाघ की मौजूदगी और पालतू पशुओं भेंड़-बकरी और मवेशी का शिकार किए जाने से दहशत का माहौल है। डीएफओ विवेकानंद झा ने बताया कि बाघ की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों की मौके पर तैनाती की गई है।
फोटोग्राफ्स वन्य प्राणी विशेषज्ञ को भेजा
डीएफओ विवेकानंद झा ने बताया कि वन प्रबंधन समिति सदस्यों को सुरक्षा एवं समझाइश के लिए कहा गया है। विभाग की ओर से पशु मालिकों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। पशु चिकित्सालय वाड्रफनगर को पत्र भेजा गया है। घटना स्थल के पास बाघ के पंजे का निशान मिला है। बरसात की वजह से पगमार्क स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था, इसलिए पंजे को ट्रेश कर प्लास्टर ऑफ पेरिस से कास्टिंग की गई है। पदचिन्हों की फोटो लेकर वन्य प्राणी विशेषज्ञ अंकित जायसवाल को उपलब्ध कराया गया। उन्होंने जांच के बाद पदचिन्हों को बाघ का होना बताया। वन विभाग को अलर्ट रहने कहा गया है।






























