ड्रोन पॉलिसी : ड्रोन उड़ाने के लिए अब 10 वीं पास होना जरूरी..

काकाखबरीलाल,गैजेट । ड्रोन उड़ाने के लिए देश में नई गाइडलाइंस तय की गई हैं। शनिवार से इस पॉलिसी को लागू किया जा रहा है। नए नियमों के मुताबिक, 250 ग्राम से ज्यादा वजनी ड्रोन को उड़ाने के लिए मंजूरी लेना जरूरी होगा। डायरेक्टोरेट ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) में इसका रजिस्ट्रेशन भी कराना होगा। हालांकि, 250 ग्राम से कम वजनी ड्रोन को उड़ाने के लिए किसी तरह की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी, लेकिन इन्हें 50 फीट से ज्यादा उंचाई पर नहीं उड़ा सकेंगे।
ड्रोन उड़ाने के लिए 10वीं पास होना जरूरी
- ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस के नियम भी तय किए गए हैं। लाइसेंस तभी मिलेगा, जब आवेदक की उम्र 18 साल से ज्यादा होगी और वह 10वीं पास होगा। इसके साथ ही अंग्रेजी जानना भी जरूरी रखा गया है।
- ड्रोन उड़ाने के लिए इसका रजिस्ट्रेशन, ऑपरेटर परमिट और उड़ाने से पहले क्लियरेंस लेना जरूरी है। इसके लिए डीजीसीए की वेबसाइट पर ‘डिजिटल स्काय’ नाम से प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है।
- डीजीसीए से इम्पोर्ट क्लीयरेंस के अलावा यूआईएन (यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर) और यूएओपी (अनमैन्ड एयरक्राफ्ट ऑपरेटर परमिट) जारी होगा, वही रिन्यूअल भी करेगा।
- यूआईएन के लिए 1 हजार और यूएओपी के लिए 25 हजार रुपए फीस लगेगी। हालांकि यूएओपी 5 साल तक वैलिड होगा और बाद में रिन्यूअल के लिए 10 हजार रुपए की फीस देनी होगी।
- प्रतिबंधित क्षेत्र में ड्रोन की अनुमति रक्षा मंत्रालय देगा। क्लीयरेंस गृह मंत्रालय से मिलेगा। ड्रोन उड़ाने के नियमों का उल्लंघन करने पर आईपीसी की धारा 287, 336, 337, 338 के तहत जुर्माने और सजा का प्रावधान है। डीजीसीए यूआईएन और यूएओपी निलंबित या रद्द भी कर सकता है।
वेडिंग फोटोग्राफी के लिए मंजूरी जरूरी
शादी या किसी फंक्शन के लिए ड्रोन से फोटोग्राफी करने के लिए मंजूरी लेना जरूरी होगा। ड्रोन के इस्तेमाल से 24 घंटे पहले इस बात की जानकारी स्थानीय थाने को देनी होगी, लेकिन 60 मीटर से ऊपर ड्रोन को नहीं उड़ा सकेंगे। इसके साथ ही ड्रोन को सिर्फ दिन में ही उड़ा सकते हैं। रात में इस्तेमाल के लिए डीजीसीए से अनुमति लेनी होगी।
इन जगहों पर नहीं उड़ा सकेंगे
भले ही अब आम नागरिक भी ड्रोन उड़ा सकेंगे, लेकिन कुछ जगहों को ‘नो ड्रोन जोन’ बनाया गया है। इनमें सभी एयरपोर्ट, अंतरराष्ट्रीय सीमा, तटीय सीमा, सभी राज्यों की राजधानी में स्थित सचिवालय, मिलिट्री इंस्टाॅलेशंस और स्ट्रेटजिक लोकेशंस शामिल हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय सीमा से कम से कम 25 किलोमीटर दूर रह कर ही ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
ड्रोन को 5 कैटेगरी में बांटा गया
इनमें नैनो ड्रोन को 50 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर नहीं उड़ा सकते, जबकि माइक्रो ड्रोन को 200 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर नहीं उड़ा सकेंगे। वहीं स्मॉल, मीडियम और लार्ज ड्रोन को 400 फीट की ऊंचाई तक ही उड़ा सकेंगे।


























