
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर हुई बैठक सम्पन्न।
बसना,काकाखबरीलाल – आज दिनांक 25 अगस्त को जननायिका एंव समाजसेवी डॉ अनामिका की मंडी प्रांगण बसना में बैठक रखी गयी थी, यह बैठक आगामी विधनसभा चुनाव को लेकर चर्चा परिचर्चा के लिए रखी गयी थी, बैठक सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ महतारी की छायाचित्र पर दिप प्रज्वलित कर हुई। बैठक में लगभग 200 गांव के ग्रामीणों आमजनों ने इस बैठक में शामिल होकर विभिन्न मुद्दों पे चर्चा किया। ज्ञात हो कि डॉ अनामिका पॉल विगत 3 वर्षों से बसना विधानसभा में अपनी सक्रियता से आम लोगो के हर समस्या के लिए उनकी हर सम्भव मदद की है, इसी बीच आज बैठक में पूरे आमजन के बीच आमलोगों से उनकी राय लेकर आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि अगर आमजन कहे तो हम भी आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे.आज लोग हमारे गांव के भोले भाले भाइयो को वोट बैंक समझा जा रहा है, चंद रुपयों में हमारे वोट को खरीद कर हमारे ऊपर अपना अधिकार जमा रहें है , हमे ठगा जा रहा है। अब वक्त आ गया है कि हम अपने विवेक से फैसला ले और अपने विवेक से अपना भाग्य चुनें। हम राजनीति करने नही सिस्टम बदलने आये है लोगों को उनका हक अधिकार दिलाने है, स्वच्छ राजनीति की हवा लेकर आये है, आज आम जन अपना काम करने के लिए रिश्वत देनी पड़ती है ये कैसा सिस्ट्म है आमजन को अपने ही काम के लिये भटकना पड़ता है। हम यही सिस्टम बदलेंगे हम कुर्सी पर बैठकर नही जमीन से जुड़कर लोगो के काम करेंगे।
वहीं डॉ अनामिका पॉल ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम राजनीति नहीं काम करेंगे संघर्ष शील आम जन को उनका अधिकार दिलाएंगे… हम वादा नही इरादा लेकर आये है, ये जो राजनेता गरीब शब्द का इस्तेमाल करते है हम आज ये बताना चाहते है कि कोई व्यक्ति गरीब नही होता हम संघर्ष शील आमजन है, हमारा प्रदेश धन्य धन्य से भरपूर है हम छत्तीसगढ़ीया गरीब नहीं हो सकते, मै 6 साल प्रोफेसर रहीं हूं प्रोफेसर के पद को छोड़कर आज आपलोगों के काम करने संघर्ष शील आमजन के उनका हक दिलाने आयी हुं। आगे कहा कि ये ज़मीन आपकी ये बसना आपका हम आपके साथ कन्धा से कंधा मिलाने आये है। किसान आज कर्ज में है और सरकार 22 करोड़ का मोबाइल वितरण कर रही है क्या मोबाइल से हम खेती करेंगे? क्या मोबाइल से पेट भरेंगे??
हम कुर्सी की नीति से मुक्ति दिलाने आये है, हम जमीन में बैठकर काम करेंगे। हमने विगत 3 सालों में बहुत से काम किये है:
हमने किसानों की फसल बीमा की राशि के लिए संघर्ष किया और बहुत सारे गांव को फसल बीमा की राशि दिलवायी, हमने यहां स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर की कमी है उसके लिए कई बार आवेदन दिया और संघर्ष आज भी जारी है, बसना विधानसभा के पूरे गांव के ओडीएफ की राशि के लिए जनपद घेराव किया, बढ़ती महंगाई के लिए धरना प्रदर्शन किया, सिंचाई के लिए मांग पत्र लिखी, बसना में स्थायी तहसीलदार के लिए आवेदन किया, कोटवारों की मांगों का समर्थन किया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एंव अनियमित कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया और आमजन के विभिन्न मांगों को लेकर बहुत सारे आंदोलन किये।

उन्होंने आगे कहा कि अगर आज बसना विधानसभा के आमजन हमे विधानसभा में भेजती है तो हम प्रदेश में बसना विधानसभा एक ऐसा विधानसभा होगा जिसमें हमे कभी आंदोलन करने की जरूरत नही पड़ेगी।
आगे प्रदेश में शराब बेचने पर निशाना साधते हुए पॉल ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की सरकार हर जगह खुले आम शराब बेच रही है, माता बहनों को तकलीफ दे रही है,शराब धीमा जहर है जो धीरे धीरे हमारे समाज को खोखला करता जा रहा है,
हमारा उद्देश्य है
पूर्ण शराब बन्दी अगर हमें चुनकर विधानसभा सभा भेजा जाता है तो हम सबसे पहले पूर्ण शराब बंदी करेंगे।
आज किसानों को चुनाव के पहले बड़े बड़े वादे किए जाते है, ऋण मुक्ति, समर्थन मूल्य और बोनस ओर चुनाव खत्म होते ही सरकार अपना वादा भूल जाती है, अगर हमें विधानसभा में भेजा गया तो हम यह वादा करते है कि हम किसानों के हक के लिए ऋण मुक्त करेंगे, किसानों को आगे लेकर जाएंगे।
निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे.
वहीं सभा को सम्बोधित करते हुए पॉल ने कहा कि अगर पार्टी हमे टिकट नही देती है तो हम निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे, बसना की जनता चाहती है तो हम उनके हक और सम्मान की लड़ाई में हमेशा उनके साथ रहकर विधानसभा में निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।






























