सरायपाली :उप स्वास्थ्य केंद्र वर्षों से बंद ग्रामीण इलाज के लिए भटक रहे

सरायपाली( काकाखबरीलाल). ब्लॉक के अंतिम छोर पर स्थित सुदूरवर्ती वनांचल ग्राम सहजपानी उप स्वास्थ्य केंद्र विगत 1 वर्षों से बंद है। स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले 7 गांव के ग्रामीण इलाज के लिए भटक रहे हैं और उन्हें ईलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सिंघोड़ा या सरायपाली तक का सफर करना पड़ रहा है। उप स्वास्थ्य केंद्र बंद होने की जानकारी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सामुदायिक केंद्र सरायपाली को भी दो माह पहले दी गई है।
किसी को प्रभार नहीं
नोटिस का भी नहीं दिया जवाब
ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर प्रशासन गंभीर नहीं है। इसके चलते सालभर से स्वास्थ्य केंद्र नहीं खुल रहा है और ग्रामीणों की समस्या जस की तस बनी हुई। राज्य सरकार द्वारा शासन की योजना को गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने व स्वास्थ्य व शिक्षा का हर गांव के लोगों को लाभ दिलवाने ब्लॉक के सभी छोर में उप स्वास्थ्य केंद्र खोले गए हैं।
लेकिन ब्लॉक के ग्राम सहजपानी में स्थित स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक साल भर से नदारद रहने उनके अनुपस्थिति में स्वास्थ्य केंद्र बंद होने पर है। साल भर से नदारद रहने वाले ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है, ना तो ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक को हटाया गया है और ना ही बंद उप स्वास्थ्य केंद्र को खोलने कोई प्रयास किया गया है। स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर बीमारी को प्रथम स्टेज में ही रोका जा सकता है, लेकिन राज्य सरकार की मंशा को धूमिल किए जाने का कार्य यहां हो रहा है। उच्चाधिकारियों द्वारा निरीक्षण में उप स्वास्थ्य केंद्र नहीं पहुंचने व एक वर्ष से उप स्वास्थ्य केंद्र बंद होने के बावजूद वहां नए स्वास्थ्य कर्मी की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे उप स्वास्थ्य केंद्र सहजपानी में विगत जनवरी 2022 से ताला लटका हुआ है। सुरेंद्र प्रधान, भगतराम, भीमसेन भोई, जितेंद्र बरिहा, रजनी प्रधान, देवराज प्रधान, हेमंत प्रधान, मोहित महाराज, मुनीराम आदि लोगों ने बताया कि उनके द्वारा स्वास्थ्य केंद्र बंद होने व ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक नहीं आने की जानकारी उनके द्वारा 10 अक्टूबर 2022 को कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को लिखित में सूचना दी गई थी। लिखित में सूचना देने और स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग किए जाने लगभग 2 माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी अभी तक उनके आवेदन में संज्ञान नहीं लिया जाना सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायपाली 35 किलोमीटर की दूरी सफर कर आना पड़ता है। इससे लोगों को परेशानी होती है।
जनवरी 22 से वहां पदस्थ ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक वरुण साहू नदारद है, जिसके बाद से हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर सहजपानी (उप स्वास्थ्य केंद्र) में ताला लटका हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि एकाएक स्वास्थ्य कर्मचारी के गायब होने से उनके स्थान पर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा अन्य कर्मचारी की आज तक तैनाती नहीं की गई है और ना ही किसी को प्रभार दिया गया है।
इस संबंध में बीएमओं डॉ. बीबी कोसरिया ने बताया कि हेल्थ और वैलनेस सेंटर सहजपानी में पदस्थ ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक वरुण साहू के स्थायी निवास पते पर चार बार नोटिस जारी कर अनुपस्थिति का कारण जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया है। उच्चाधिकारियों को मामले से पत्र व्यवहार कर अवगत कराया गया है। उनके निर्देश पर अग्रिम कार्रवाई जल्द की जाएगी। अनुपस्थित ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक वरुण साहू से भी उनका पक्ष जानने संपर्क किया गया, लेकिन मोबाइल बंद होने के चलते उनसे संपर्क नहीं हो सका।
निरीक्षण के बाद ही बता पाउंगा
सहजपानी पर इलाज के लिए 7 गांव हैं आश्रित
ग्रामीणों ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र सहजपानी के अंतर्गत गौरबहाली, बम्हनीद्वार, मल्दामाल, अमलीपदर, कोदो पाली, पुजारीपाली, सहजपानी के लगभग 2500 से अधिक ग्रामीण उप स्वास्थ्य केंद्र पर आश्रित है। सहजपानी के स्वास्थ्य केंद्र बंद होने पर उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें आर्थिक के साथ समय की भी बर्बादी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक बीपी, शुगर, टीबी के मरीज, गर्भवती व शिशुवती माताओं को परेशानी हो रही है।


























