सांकरा : उपार्जन केन्द्र में हुई थी हजारों क्विंटल की गड़बड़ी, वहीं धान खरीदी की तैयारी

जिले के सांकरा सहकारी समिति के परसवानी उपार्जन केन्द्र में 4 हजार क्विंटल करीब 1 करोड़ की बोगस धान खरीदी पर जांच 7 महीने बाद भी अधूरी है। दोषियों पर अब तक कार्रवाई नहीं हो पाई है और अब एक बार फिर से इस उपार्जन केंद्र में खरीदी की तैयारी चल रही है। दोषियों पर कार्रवाई अभी तक लंबित है। फिर से धान खरीदी के लिए समिति को देना कहीं न कहीं प्रशासन इनकी गलियों पर पर्दा डाल रहा है।दरअसल उपार्जन केन्द्र परसवानी में विपणन वर्ष 2021- 22 में समर्थन मूल्य पर 58389 क्विंटल धान कीमत 14 करोड़ 59 लाख 72 हजार 500 रुपए की खरीदी की गई थी, जिसके एवज में 14 मार्च तक 23780 क्विंटल धान का उठाव किया गया था जिसमें से मिलरों को 34609 क्विंटल का डीओ जारी हुआ जिनके द्वारा 29819 का धान ही उठाव किया गया था। शेष 4790 क्विंटल धान का उठाव नहीं हो पाया क्योंकि मौके पर उतना धान बचा ही नहीं था।

धान उठाव के दौरान 800 क्विंटल धान ही भौतिक रूप से मौके पर पाया गया। मामला सुर्खियों में आने के बाद आनन फानन में का दो मिलरों द्वारा 2040 क्विंटल धान के उठाए की जानकारी दी गई जबकि मौके उतना धान मौजूद था ही नहीं। वहीं डीआरसीएस द्वारिका नाथ से संपर्क किया गया, लेकिन फोन कवरेज एरिया से बाहर थी।
मामले की जानकारी नहीं : जिला विपणन अधिकारी
जिला विपणन अधिकारी राहुल अड्रस्कर का कहना है कि इस मामले के बारे में मैं नहीं जानता। पूर्व का मामला है। समितियों की जांच डीआरसीएस करते हैं।
1 नवंबर से फिर इसी केंद में होगी धान की खरीदी
2021-22 की खरीदी में 1 करोड़ की गड़बड़ी पर से अब तक पर्दा नहीं उठ सका है इसके बावजूद इस वर्ष के लिए फिर से दागियों के सहारे धान खरीदी की तैयारी चल रही है।
इसलिए अब तक नहीं हो हो पाई फर्जीवाड़े की जांच
15 मार्च को महासमुंद कलेक्टर ने जांच के आदेश दे दिए थे, लेकिन जांच अधिकारियों के एक दूसरे पर जांच में सहयोग न करने के आरोप के कारण से जांच नहीं हो पाई।























