बेगलेस डे पर कुपोषण के अभियान चलाया गया

बसना@ काकाखबरीलाल।शासकीय प्राथमिक शाला-करनापाली में सुरक्षित शनिवार (बेगलेस डे) के अवसर पर शाला सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत सुरक्षित शनिवार मनाया गया। इस अवसर पर विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी जे आर डहरिया, बी आर सी सी पूर्णानंद मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में “कुपोषण क्या है? बच्चों को कुपोषित होने से कैसे बचाएं और कुपोषण रोकथाम के तरीके” विषय पर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।
सर्वप्रथम संस्था प्रमुख डॉ गिरधारी साहू ने कुपोषण क्या है? कुपोषण तब होता है जब शरीर को आवश्यक पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलते, जिससे शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है। यह दो प्रकार का होता है:1. अल्पपोषण(Undernutrition) – जब शरीर को पर्याप्त भोजन और पोषण नहीं मिलता। 2. अतिपोषण(Overnutrition) – जब असंतुलित आहार या जंक फूड के कारण मोटापा और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ होती हैं।बच्चों को कुपोषण से कैसे बचाएं? *1. संतुलित आहार*– बच्चों के भोजन में प्रोटीन, विटामिन, खनिज और ऊर्जा से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें। 2. माँ का दूध – नवजात शिशुओं के लिए पहले छह महीने तक सिर्फ माँ का दूध सर्वोत्तम पोषण पर चर्चा हुई।
तत्पश्चात् डॉ वीरेंद्र कुमार कर जी ने भी *3. स्वच्छता का ध्यान* – साफ-सफाई से जुड़े नियम अपनाकर बीमारियों को रोका जा सकता है। *4. नियमित स्वास्थ्य जांच* – बच्चों की वृद्धि और पोषण स्तर की नियमित जाँच करवाएँ कुपोषण रोकथाम के तरीके। *1. मिड-डे मील योजना*– सरकारी स्कूलों में पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना। *2. आँगनवाड़ी सेवाएँ*– गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को पोषण संबंधी सहायता देना।
*3. समुदाय में जागरूकता* – माता-पिता को सही पोषण और आहार की जानकारी देना।
*4. स्वस्थ जीवनशैली* – बच्चों को शारीरिक गतिविधियों में सक्रिय रखना आदि बातें बताते हुए अपनी विषय रखे। *इस कार्यक्रम में शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया और साथ ही कुपोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।*



























