भय, भूख और भ्रष्टाचार के अंत का शंखनाद: बंगाल में भाजपा की जीत विकास और विश्वास की विजय – स्वप्निल तिवारी

नंदकिशोर अग्रवाल, काकाखबरीलाल@ पिथौरा। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के हालिया नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर महासमुंद भाजपा जिला प्रवक्ता स्वप्निल तिवारी ने हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार की नीतियों पर जनता की अटूट आस्था का परिणाम बताया है।
स्वप्निल तिवारी ने कहा कि यह चुनाव परिणाम केवल आंकड़ों की जीत नहीं है, बल्कि उस विचारधारा की जीत है जो अंत्योदय और राष्ट्रवाद को समर्पित है।जनता ने लंबे समय से कुशासन के अंधकार से मुक्ति की पश्चिम बंगाल दशकों से भय, भूख और भ्रष्टाचार की त्रिकोणीय त्रासदी को झेल रहा था।
बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी थी। आम नागरिक और विपक्षी कार्यकर्ता निरंतर असुरक्षा के साये में जी रहे थे। जनता ने अब इस भय को त्यागकर लोकतंत्र की शक्ति का परिचय दिया है।शासन-प्रशासन के हर स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार ने बंगाल की प्रगति को रोक दिया था। भाजपा को मिला जनादेश इस भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनता का कड़ा प्रहार है।अब बंगाल केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाओं और ‘डबल इंजन’ सरकार के माध्यम से विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा।
स्वप्निल तिवारी ने कहा कि असम में भाजपा की सत्ता में वापसी और पुडुचेरी में मिली सफलता यह दर्शाती है कि देश के हर कोने में जनता प्रधानमंत्री मोदी के सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को स्वीकार कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के हित में चलाई जा रही योजनाओं ने आम आदमी के जीवन में जो सकारात्मक बदलाव लाया है, वही आज वोट के रूप में परिवर्तित हुआ है।
यह जीत उन निष्ठावान कार्यकर्ताओं के खून-पसीने का परिणाम है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों और राजनीतिक हिंसा के बीच भी कमल खिलाने का संकल्प नहीं छोड़ा। यह परिणाम भारत में सकारात्मक और विकासोन्मुखी राजनीति के एक नए युग की शुरुआत वक्तव्य के अंत में तिवारी ने विश्वास जताया कि भाजपा सरकार के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल पुनः अपनी खोई हुई सांस्कृतिक और आर्थिक गरिमा को प्राप्त करेगा।






























