सरायपाली: स्पीच थेरेपी 3 दिवसीय शिविर में 19 बच्चों का सफलता पूर्वक हुआ उपचार

सरायपाली (काकाखबरीलाल).सरायपाली आँचलिक अग्रवाल सभा व अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन जिला ईकाई व वरिष्ठ नागरिकों के संयुक्त तत्वाधान में स्थानीय गीता भवन में स्पीच थेरेपी का 3 दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया । इस शिविर में तोतलाने और हकलाने वाले 19 बच्चों का सफलता पूर्वक उपचार किया गया ।3 दिनो तक चले इस शिविर का समापन सोमवार किया गया जिसमें लाभार्थी हकलाने तुतलाने वाले बच्चों के साथ साथ उनके अभिभावकों व विभिन्न समाज के अनेक लोग उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाराजा अग्रसेन की पूजा अर्चना के साथ किया गया । इस अवसर पर अग्रवाल समाज के जिला अध्यक्ष नरेशचंद्र अग्रवाल ने कहा कि सादगी के साथ सेवा का उदाहरण स्पीच थेरेपी विशेषज्ञ सत्यनारायण मित्तल ने 3 दिनों तक निशुल्क सेवा देकर अनेक लोगों को इसका लाभ दिया है। निशिच ही वे बधाई के पात्र हैं । आने वाले समय मे इस तरह का और आयोजन किया जाएगा ताकि क्षेत्र के बच्चों को इसका लाभ मिल सके । समाज के वरिष्ठ सदस्य ओम प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि आज के समय में सेवा देना और 8-10 घंटा काम करना, वह भी निशुल्क, निश्चय ही सत्यनारायण मित्तल साधुवाद के पात्र हैं । कैट के नगर इकाई अध्यक्ष मदन लाल अग्रवाल ने कहा कि समर्पण भाव से काम करना और इसका लाभ समाज को मिलना सराहनीय काम है। अग्रवाल समाज के पूर्व अध्यक्ष अवधेश अग्रवाल ने कहा कि सेवा का संकल्प अपने आप में एक कठिन तपस्या है जिसका पालन मित्तल जी कर रहे हैं । छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के मंत्री संजय अग्रवाल ने भी इस तरह का आयोजन और भविष्य में करने का आश्वासन दिया ।
कार्यक्रम का संचालन घांसीराम अग्रवाल ने किया ।
शिविर में थैरेपी दे रहे सत्यनारायण मित्तल ने कहा कि उन्होंने अब तक 200 लोगों को इसका लाभ पहुंचाया है ।अब ज्यादा लोगों को लाभ मिले इसके लिए वह गांव-गांव शिविर लगा पा रहे हैं। उन्होंने अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि उनके तीन बच्चे तोतलाते थे वे भिवानी में डॉक्टर के पास गए तो उन्होंने कहा इसका कोई इलाज नहीं है आपको इसकी परेशानी समझ कर घर में ही अभ्यास कराना होगा और उन्होंने तभी यह बीड़ा उठाया और उच्चारण में आ रही परेशानी उसको पकड़ कर उसको दूर करने की तकनीक को विकसित किया।व समस्याओं व परेशानियों को समझते हुवे देश मे ऐसे बच्चे जो तोतलाने कि वजह से आगे नही बढ़ पा रहे हैं व इसकी वजह से उनके मनो में हीनभावना भर जाने की वजह से वे अपने आपको असहज महशूस कर रहे थे । उसी वजह से उन्होंने यह बीड़ा उठाया व देश भर में घूमकर ऐसे बच्चों को समस्यों से मुक्ति दिला रहे हैं । ऐसा करते हुवे उन्हें काफी आत्मसंतुष्टि मिलती है ।
3 दिन चले शिविर में 23 लोगों ने पंजीयन कराया जिसमें 19 लोग समय दे पाए। इसमें काउंसलिंग के लिए 10 -12 घंटे का समय मित्तल ने दिया । जिन लोगों ने घंटे- 2 घंटे का तीन चार बार सिटिंग की उन्हें पर्याप्त लाभ मिला। 15 लोग शत प्रतिशत,4 को 80% तथा 2 को 50% ठीक किया गया। मित्तल जी ने कहा कि उन्होंने जिन लोगों को देखा उनके साथ उनके उच्चारण मैं आ रही परेशानी को समझा बताया और उसे ठीक करने और उच्चारण सुधारने के तरीके बताएं जिसे अब अभ्यास करके एकदम ठीक किया जा सकेगा उन्होंने यह भी कहा कि इस थैरेपी को कोई सीखना चाहता हो तो वह निशुल्क आगे वाली पीढ़ी को सिखाने के लिए तैयार है । शिविर से मिले लाभ के बाद नागरिकों ने अपने रिश्तेदारों को नागपुर, महासमुंद से बुलाया लाभार्थियों के परिजनों ने अपने अनुभव साझा किया। लाभ मिलने के साथ शहरों में इस थैरेपी महंगी फीस की जानकारी दी। यह शिविर निशुल्क हर समाज के लिए था।

























