भुगतान नहीं मिलने से आक्रोशित हैं ग्रामीण : वन मंडल कार्यालय ज्ञापन देने पहुंचे, कहा काम करा लेते हैं और मजदूरी नहीं देते

– डिग्रीलाल जगत
रायगढ़ (काकाखबरीलाल) । वन मंडल रायगढ़ में भुगतान को लेकर काफी परेशानी देखी जा रही है। यहां मजदूरों से काम तो करा लिया जाता है, लेकिन समय पर उन्हें भुगतान नहीं दिया जाता है। ऐसे में मजदूरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला रायगढ़ वन परिक्षेत्र के रेंगालपाली सर्किल में देखने को मिल रहा है। जहां आज काफी संख्या में ग्रामीण वन मंडल कार्यालय डीएफओ को एक ज्ञापन देने पहुंचे। भुगतान नहीं मिलने से ग्रामीण काफी आक्रोशित नजर आ रहे थे।
इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक रायगढ़ वन परिक्षेत्र के रेंगालपाली सर्किल के मजदूरों से करीब चार माह पूर्व पौधरोपण, स्टेकिंग, सफाई, पाले लगाने सहित कई प्रकार के कार्य कराए गए थे। कार्य पूरा हो गया, लेकिन उनके भुगतान को रोक दिया गया और मजदूरों को मजदूरी नहीं दी गई। इसके बाद करीब दस लाख के काम में एक लाख 78 हजार रुपए का आधा अधूरा भुगतान किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्ण भुगतान के लिए कई दफे नाकेदार प्रेमा तिर्की को कहा गया है, लेकिन हर बार आज व कल की बात कह कर टालमटोल करने की बात कही जा रही है। उन्होंने बताया कि कई दफे गुहार लगाने के बाद भी जब उनका भुगतान नहीं किया गया, तो आज वे वन मंडल कार्यालय डीएफओ को ज्ञापन देने पहुंचे। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जल्द भुगतान नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। डीएफओ कार्यालय ज्ञापन सौंपने के लिए पहुंचे मजदूरों में त्रिनाथ, सुरेश गुप्ता, सविता सिदार, रामचंद्र मिरधा, मोंटू ठाकुर, जीवर्धन सिदार, बलराम सिदार, करणाकर, कन्हैया सहित अन्य मजदूर मौजूद थे। बताया जा रहा है कि डीएफओ ने ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद एक सप्ताह का समय निराकरण के लिए दिया है।
- रायगढ़ रेंज में बनी है समस्या
बताया जा रहा है कि भुगतान को लेकर सबसे अधिक समस्या रायगढ़ रेंज में देखी जा रही है। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी यहां भुगतान को लेकर बखेड़ा खड़ा हो चुका है। रायगढ़ रेंजर की लापरवाही ही इसे माना जा सकता है कि काम तो मजदूरों से करा लिया जाता है और मजदूरी उन्हें नहीं दिलाया जाता है। जबकि अगर देखा जाए, तो विशाखापटना से आए मजदूरों का पूर्व में भुगतान कर दिया गया, लेकिन स्थानीय मजदूरों को मजदूरी नहीं दी गई। इससे भी मजदूरों के बीच विभाग के प्रति नाराजगी देखी जा रही है और अब वन विभाग में कार्य करने को भी कोई तैयार नहीं हो रहा है।



























