सरायपाली

हायर सेकेण्डरी खुलने के 7 वर्ष बाद भी स्वीकृत नहीं हुआ है भवन… भवन एवं शिक्षक की कमी से जूझ रहे हैं बिरकोल स्कूल के विद्यार्थी..

  • प्राथमिक एवं मिडिल के अतिरिक्त कक्ष में लगती हैं कक्षायें

सरायपाली(काकाखबरीलाल)। ग्राम बिरकोल में विगत 1998 से हाई स्कूल संचालित है और सन् 2012 में इसमें हायर सेकेण्डरी स्कूल का उन्नयन हुआ है. तब से आज पर्यंत तक वहाँ के विद्यार्थियों के लिए भवन ही स्वीकृत नहीं हुआ है. भवन के अभाव में प्राथमिक एवं मिडिल के अतिरिक्त कक्ष एवं बरामदे में कक्षायें संचालित हो रही है. इसके अलावा कई विषय शिक्षकों की भी कमी यहाँ बनी हुई है. भवन के लिए ग्रामीणों, पालकों एवं जन प्रतिनिधियों के द्वारा जनदर्शन में केलेक्टर से भी गुहार लगाया जा चुका है. जिसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से इस्टीमेट बनाकर भेजने के लिए लिखित में जवाब मांगा गया है. स्कूल की ओर से भवन के लिए इस्टीमेट बनाकर भी भेजा जा चुका है, इसके बावजूद 7 वर्ष बाद भी भवन की स्वीकृति नहीं मिली है।

हायर सेकेण्डरी स्कूल बिरकोल में वर्तमान में 380 छात्र-छात्रायें अध्ययनरत हैं . यहाँ 4 विषय जीव विज्ञान, गणित, कला संकाय एवं संस्कृत संचालित हैं, लेकिन जगह के अभाव में वहाँ के विद्यार्थी जैसे-तैसे स्कूल परिसर में ही स्थित प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल के अतिरिक्त कक्षाओं में अध्ययन कर रहे हैं. भवन स्वीकृत नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में प्राथमिक एवं मिडिल के कक्ष का उपयोग किए जाने से उन्हें कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम, बैठक, सार्वजनिक कार्यक्रम, पालक बैठक आदि करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अतिरिक्त कक्ष का उपयोग प्राथमिक एवं मिडिल के बच्चों को नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें मजबूरी वश उनके ही कक्ष में इस तरह के कार्यक्रमों को किसी तरह सम्पन्न कराया जाता है. जिस समस्या के लिए शासन द्वारा अतिरिक्त भवन की स्वीकृति दी गई, उसका लाभ प्राथमिक एवं मिडिल के बच्चों को नहीं मिल रहा है. वहीं हायर सेकेण्डरी स्कूल तो शासन द्वारा विगत 7 वर्ष पूर्व ही प्रारंभ कर दिया गया है, लेकिन आज भी शिक्षक एवं भवन के लिए बच्चे तरस रहे हैं. वहाँ जीव विज्ञान, भौतिकी, राजनीति विज्ञान जैसे मुख्य विषयों के शिक्षकों की कमी बनी हुई है. निरीक्षण के लिए नहीं पहुँचते उच्चाधिकारी

स्कूल की समस्या का मुख्य कारण यह भी माना जा रहा है कि वहाँ शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी कभी निरीक्षण के लिए पहुँचते ही नहीं हैं, जिसके कारण स्कूल की समस्या जस की तस बनी हुई है. वहीं दूसरी ओर कुछ पालकों का आरोप है कि क्षेत्र के जन प्रतिनिधि भी निष्क्रिय हैं, जिसके चलते यहाँ हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित होने के बाद भी बच्चों को न तो शिक्षक और न ही भवन नसीब हो पा रहा है.

इस संबंध में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी डी एस राजपूत से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो सका.

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