
काम करने वालों का नाम मस्टररोल में न होने से हुआ मामले का खुलासा
काकाखबरीलाल,सरायपाली। इन दिनों ग्रामीण अंचल में रोजगार गारंटी के तहत तालाब गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है. लेकिन मेट एवं रोजगार सहायक की मिली भगत से अपात्र को पात्र बनाकर लाभ पहुंचाते देखा जा रहा है और पात्र को अपात्र बनाकर उन्हें वंचित किया जा रहा है. ऐसा ही मामला आज ग्राम पंचायत भुथिया के आश्रित ग्राम मोहगांव में देखने को मिला, जहां पर कुछ लोगों का नाम मनरेगा के तहत तालाब गहरीकरण का कार्य किए जाने के बाद भी उनका नाम मस्टर रोल से गायब था, जबकि गांव के ही मेट एवं उनके परिजनों का नाम जो कभी तालाब गहरीकरण के लिए पहुंचे ही नहीं थे उनके नाम से मस्टर रोल की सूची जारी हुई थी.
मोहगाँव में तालाब गहरीकरण का कार्य विगत 3 सप्ताह से चल रहा है. लेकिन इस सप्ताह कुछ लोगों का मनरेगा के तहत किए गए कार्य के लिए जनपद द्वारा जारी मस्टर रोल में नाम नहीं होने पर मामले का खुलासा हुआ. मौके पर जाकर निरीक्षण करने एवं ग्रामीणों से मस्टर रोल में जारी नाम की सत्यता जांच करने पर पता चला कि मेट एवं रोजगार सहायक द्वारा फर्जी मस्टर रोल का मांग पत्र भेजकर अवैध रूप से अपात्र लोगों को पात्र दिलाने की कोशिश की जा रही है. यहां तक कि मस्टर रोल में मेट का भी नाम था. जानकारी अनुसार मेट के लिए अलग से मस्टर रोल भरी जाती है, लेकिन भुथिया पंचायत में किए जा रहे कार्य में मेट का नाम सामूहिक रूप से कार्य करने वाले जॉब कार्डधारियों के साथ उल्लेख था. मेट अरूण पिता डोलामणी को पूर्व में करवाए गए कार्य का मस्टर रोल दिखाने के लिए जब कहा गया तो उन्होंने जमा कर दिए जाने की बात कही. वर्तमान में रखे मस्टर रोल में कई सम्पन्न परिवारों का नाम भी दर्ज था. जबकि उन्हें उनके नाम से मस्टर रोल जारी होने की जानकारी भी नहीं है.

कार्य न करने के बावजूद इनका नाम है मस्टररोल में
मस्टर रोल में संजय मोहगांव, पुष्पांजलि पति संजय, अजय मोहगांव, नर्मदा पति अजय, स्वर्णलता पति डोलामणी, अरूण पिता डोलामणी (मेट), गौरहरी मोहगांव, पद्मावती पति गौरहरी, सुभाष पिता विद्याधर (मेट), विमल मोहगांव, मंदोदरी पति विमल जो कभी कार्य करने के लिए गए ही नहीं, उनका नाम शामिल है. जबकि पदमलोचन भोई पिता शंकरलाल भोई, शंकरलाल भोई पिता पंथी भोई द्वारा तालाब गहरीकरण में रोजगार गारंटी का कार्य किया गया है, लेकिन उनके नाम से मस्टर रोल ही नहीं है. इसी तरह गांव के कई अन्य लोगों का मस्टर रोल में नाम नहीं होने की बात भी सामने आई है.
इस संबंध में कार्यक्रम अधिकारी संतोष कुमार से पूछे जाने पर बताया कि रोजगार सहायक एवं मेट के द्वारा दिए गए मांग पत्र के अनुसार मस्टर रोल जारी किया जाता है. अगर काम नहीं करने वाले के नाम से मस्टररोल जारी हुआ होगा और काम करने वालों का नाम छूट गया होगा तो उसे जाँच उपरांत आवश्यक कार्यवाही की जाएगी.
वहीं रोजगार सहायक करिश्मा से पूछे जाने पर बताया कि मांग पत्र भेजने के 3 दिन बाद मनरेगा के कार्य में गए थे, इसी कारण नाम छूटा है. काम पर नहीं जाने वाले के नाम मस्टर रोल में होने की बात पूछने पर उन्होंने बताया कि मेट द्वारा दिए गए अनुरूप ही नाम दिया जाता है. मंै अन्य गांव से हूं इसलिए मुझे काम में नहीं जाने वालों की जानकारी नहीं है.
























