RPF की मदद से मिला जेवरों से भरा बैग…

ट्रेन में सफर करते समय मुंबई की महिला यात्री का जेवरों से भरा बैग छूट गया। उन्होंने 139 में शिकायत की, तब बैग रायगढ़ में मिला। लेकिन, उसमें जेवरों के बजाए आचार मिला। दरअसल, वह दूसरी महिला का बैग था, जो गलती से बदल गया था। जब RPF ने जांच कर CCTV फुटेज व बिलासपुर में उतरने वाले यात्रियों की जानकारी जुटाई। तब इसका राज खुला। मामला सामने आने के तीन दिन बाद RPF की मदद से दोनों यात्रियों को उनका बैग सही सलामत मिल गया। मुंबई की कांडीवली की रहने वाली आरती मनीष सोनी 11 नवंबर को एलटीटी मुंबई से अपनी मां व बच्चे के साथ रायपुर तक सफर कर रहीं थीं। रायपुर में उतरते समय उनका बैग ट्रेन में ही छूट गया। जब उन्हें पता चला कि आर्टिफिशियल ज्वेलरी से भरा बैग छूट गया है। तब उन्होंने रायपुर RPF पोस्ट में सूचना दी। इस पर रायपुर RPF पोस्ट से बिलासपुर में इस घटना की जानकारी दी गई। लेकिन, तब तक ट्रेन यहां से छूट चुकी थी।
इस पर रायगढ़ स्टेशन में ट्रेन की जांच की गई। तब बताए गए बोगी में एक बैग मिला। लेकिन, उसमें जेवर के बजाए आचार रखे थे। इस पर RPF की टीम ने उस बोगी में सफर करने वाली अन्य यात्रियों की जानकारी जुटाई। साथ ही CCTV फुटेज की जांच की। तब पता चला कि ट्रेन से बिलासपुर में उतरने वाले पंकज जीववानी व परिवार का पता चला। पंकज तोरवा के पावर हाउस के पास रहते हैं। उन्होंने पूछताछ में अपना बैग बदलने की जानकारी दी और गलती से ज्वेलरी वाला बैग उठा लेने की बात कही। मामला सामने आने पर दोनों यात्रियों को बिलासपुर RPF पोस्ट बुलाया गया। यहां दोनों यात्रियों के सामान को सही सलामत उनके हवाले कर दिया गया।
CCTV देखने के बाद सक्रिय हुई RPF की टीम
महिला यात्री का बैग रायगढ़ में मिलने के बाद RPF की टीम ने बिलासपुर स्टेशन के प्लेटफार्म का CCTV फुटेज चेक किया। तब तीन दिन बाद पता चला कि बताए गए बोगी से यात्री उतर रहे हैं। इस पर टीम ने पीआरएस के माध्यम से यात्रियों की जानकारी जुटाई। तोरवा के पुराना पाउस में रहने वाले पंकज को बुलाकर पूछताछ की गई। तब उन्होंने गलती से बैग बदलने की बात स्वीकार की और ज्वेलरी वाला बैग लौटा दिए। इसके बाद RPF की टीम ने आरती सोनी से संपर्क किया और उनके बैग की पहचान कराकर उन्हें जेवर सहित बैग लौटा दिए। बैग में करीब 50 हजार रुपए कीमती जेवर रखे थे।

























