मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा बनी ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान

रायपुर/सुकमा। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना सुदूर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। विशेष रूप से सुकमा जिले के भेज्जी और चिंतागुफा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं के लिए यह योजना सुरक्षा, सुविधा और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बनकर उभरी है।
योजना शुरू होने से पहले ग्रामीण महिलाओं को बाजार, अस्पताल या अन्य आवश्यक कार्यों के लिए असुरक्षित और अनियमित साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था। कई बार उन्हें आर्थिक शोषण और परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब नियमित बस सेवा उपलब्ध होने से महिलाएं बिना किसी हिचकिचाहट के अकेले सफर कर रही हैं और अपने दैनिक कार्य स्वयं पूरा कर रही हैं।
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि अब वे गोद में शिशु, सिर पर सामान की टोकरी या हाथ में घरेलू सामान लेकर भी आसानी से बसों में सफर कर सकती हैं। उन्हें किसी अन्य व्यक्ति पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और वे अपने खर्च तथा यात्रा का निर्णय स्वयं कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी नई गति दी है। नियमित परिवहन सुविधा मिलने से महिलाएं वनोपज, सब्जियां और हस्तशिल्प जैसे स्थानीय उत्पादों को समय पर बड़े बाजारों तक पहुंचा पा रही हैं। इससे बिचौलियों पर उनकी निर्भरता कम हुई है और आय में वृद्धि हुई है। महिलाएं अब परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
सचिव परिवहन एस. प्रकाश तथा अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और सम्मान का प्रभावी माध्यम बन गई है। उन्होंने कहा कि जब दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच आसान होती है, तब विकास की गति स्वतः तेज हो जाती है।
वनवासी महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है।
































