जिले के पुलिस चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक ने रोते हुए बताया दर्द, SDOP मैडम से कहा- ‘पैसे लेकर आरोपियों न छोड़े…. जानिए पुरा मामला

सरगुजा (काकाखबरीलाल) . छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के कुन्नी पुलिस चौकी में प्रधान आरक्षक मनीष तिवारी की बाइक पर आग लगा दी गई थी. इस मामले में प्रधान आरक्षक ने 5 आरोपी को गिरफ्तार किया था. जिन्हें एसडीओपी चंचल तिवारी ने जांच के बाद छोड़ दिया. अब प्रधान आरक्षक ने एसडीओपी पर पैसे लेकर आरोपियों को छोड़ने का आरोप लगाया है. उन्होंने रोते हुए कहा कि मैडम आपको पैसे मैं दूंगा, उन आरोपियों को नहीं छोड़े. आरोपियों से पैसे न लें. जितने पैसे चाहिए उन्हें मैं दूंगा. इस बयान के बाद एसपी टीआर कोशिमा ने प्रधान आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया है.21 मई को लखनपुर थाना क्षेत्र के कुन्नी चौकी में आगजनी की घटना घटी हुई थी. चौकी परिसर में बाइक और कार को आग के हवाले कर दिया गया. बाइक प्रधान आरक्षक और कार आरक्षक की थी. घटना के बाद एसपी तिलकराम कोशिमा भी पहुंचे थे, जिन्होंने मामले की जांच पर लगातार नजर रखी. इसी बीच वाहन स्वामी प्रधान आरक्षक मनीष तिवारी ने डॉग स्क्वायड की मदद से गांव के ही 5 लोगों को गिरफ्तार कर चौकी ले आए. मामले की जांच करने पहुंची एसडीओपी चंचल तिवारी ने जांच के बाद पांचों संदेहियों को छोड़ दिया.जिसके बाद प्रधान आरक्षक मनीष तिवारी का कैमरे के सामने दर्द छलक गया. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस विभाग ने उचित कार्रवाई नहीं की. एसडीओपी चंचल तिवारी पर पैसा लेकर 5 लोगों को छोड़ देने का आरोप लगाया. प्रधान आरक्षक ने कहा कि उनसे अधिक पैसे मैं दूंगा मैडम, उन्हें छोड़ो नहीं, उन्हें गिरफ्तार करो, उन्होंने मेरे वाहन पर आग लगाई है. मैं नौकरी वाला हूं ज्यादा पैसे दूंगा. गाड़ी के लिए एक-एक रुपए इकठ्ठा किया था. आपको मेरा बद्दुआ लगेगा. पाप लगेगा. आपके बच्चे मरेंगे.इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने कहा कि एसपी तिलकराम कोशिमा के निर्देश पर मामले की जांच लगातार की जा रही है. जांच के लिए 3 सदस्य टीम बनाई गई है. जिसमें टीआई, एसआई, एएसआई शामिल हैं. उन्होंने कहा कि जिन 5 युवकों को प्रधान आरक्षक ने गिरफ्तार किया था, उनके उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है. डॉग स्क्वायड की जांच के दौरान कोई वीडियो ग्राफी नहीं कराई गई. उन्होंने कहा कि 5 संदेहियों में से दो अपने पत्नियों के साथ घटना के दिन विवाह कार्यक्रम में थे. जिस कारण सभी संदेहियों को छोड़ दिया गया.एडिशनल एसपी ने कहा कि आरोप लगने के बाद मामला और गंभीर हो गया है. पुलिस की टीम ने सघन जांच शुरू कर दी है. उन्होंने ये भी बताया कि घटना के बाद एसपी ने प्रधान आरक्षक मनीष तिवारी को प्रशासनिक दृष्टिकोण से लाइन अटैच कर दिया गया है.





























