राष्ट्रीयकृत एवं कमर्शियल बैंकों में हैं 105 करोड़ का कृषि ऋण

0-3 हजार 827 किसान बैंक छूट संबंधी सरकार के आदेश का कर रहे हैं इंतजार
काकाख़बरीलाल,सरायपाली:-प्रदेश के कांग्रेस सरकार ने अपने वायदे के मुताबिक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक तथा ग्रामीण बैंक के किसानों का कर्जा माफ कर दिया है. लेकिन अभी भी राष्ट्रीयकृत व कमर्शियल बैंकों के केसीसी ऋण छूट नही होने से किसानों में मायुसी छाई हुई है. सहकारी समितियों के माध्यम से किसान के्रेडिट कार्ड से लोन लेने वाले किसानों के अलावा इन बैंकों में किसानों की बड़ी संख्या है. जो अभी तक कर्जा माफ होने का इंतजार कर रहे हैं. केवल शहर में स्थित 10 बैंकों के 3 हजार 827 किसान हैं. जिनका केसीसी ऋण लगभग105 करोड़ है. इनमें से कई किसान ऐसे भी हैं जो क ई वर्षों से डिफाल्टर हैं. अभी तक इन बैंकों के किसानों के लिए सरकार द्वारा बैंक छूट संबंधी कोई स्पष्ट निर्देश जारी नही किया गया है.
सरकार ने वायदे के मुताबिक परीक्षण के उपरांत इन बैंकों में कृ षि ऋण को माफ करने की बात कही गयी है. लेकिन इसमें कितना वक्त लगेगा इसे लेकर किसानों में संशय की स्थिति बनी हुई है. दरअसल राष्ट्रीयकृत एवं व्यवसायिक बैंकों में केवल नगद राशि कृषि ऋण हेतु प्राप्त होता है. जबकि सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को नगद राशि के अलावा खाद, बीज मिलता है जिसमें 60 प्रतिशत नगद 40 प्रतिशत सामग्री देने का प्रावधान रहता है. इसके चलते ज्यादा रकम मिलने की आस में कई किसानों का रूझान इन बैंकों की ओर बढ़ा है. ठीक चुनाव के समय कर्जा माफ कर दिए जाने के बाद इन बैंकों के किसान अपने आप को फिलहाल ठगे महसूस कर रहे है. फिर भी किसान सरकार के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं. कुछ किसानों को यह भी आशंका मंडरा रही है कि लोकसभा चुनाव के पहले तक बैंक छूट न होने पर बाद में यह फाईलों में ही बंद रह जाएगा. .
इन बैंकों ने दिया है 105 करोड़ का केसीसी लोन
शहर के 10 बैंकों से केसीसी लोन का आंकड़ा लिया गया. हालांकि कुछ बैंकों से जानकारी नही मिली है. शहर के देना बैंक में 180 किसानों का 18 करोड़ लोन है. इसी तरह स्टेट बैंक में 900 किसान हैं जहां 20 करोड़ का लोन है. सेंट्रल बैंक में 600 किसान का 5.5 करोड़, इंडियन ओवरसीज बैंक में 350 किसान 7.55 करोड़, यूनाईटेड बैंक 75 किसान 1.26 करोड़, आईडीबीआई बैंक में 456 किसान 7.25 करोड़, पंजाब नेशन बैंक में 841 किसान 14.50 करोड़ एचडीएफसी बैंक में 100 किसान लगभग 10 करोड़, एक्सीस बैंक में 185 किसान 15 करोड़ तथा केनरा बैंक में लगभग 240 किसानों का 6 करोड़ कृषि ऋण है.




























