राशिफल - ज्योतिष शास्त्र

शनि बदलेगा चाल, जानें अन्य ग्रहों की स्थिति और अभिजीत मुहूर्त का समय….

शुक्रवार को अगहन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पूरे दिन रहेगी। इस तिथि के देवता स्वयं भगवान शिव है। इसलिए इस दिन इनकी पूजा विशेष फलदाई मानी गई है। शुक्रवार को व्याघात, हर्षण, सौम्य और ध्वांक्ष नाम के 4 शुभ-अशुभ योग दिन भर रहेंगे। आगे जानें किस दिशा में यात्रा न करें, दिन भर के शुभ-अशुभ योग व मुहूर्त आदि की पूरी डिटेल…

ग्रहों की स्थिति

शुक्रवार को शनि मीन राशि में वक्री से मार्गी हो जाएगा यानी फिर से सीधी चाल चलने लगेगा। शनि के गति परिवर्तन का प्रभाव सभी राशि के लोगों पर दिखाई देगा। इस दिन चंद्रमा और राहु कुंभ राशि में, शुक्र, सूर्य, और मंगल वृश्चिक राशि में, बुध (वक्री) तुला राशि में, गुरु कर्क राशि में (वक्री) और केतु सिंह राशि में रहेगा।

शुक्रवार को किस दिशा में यात्रा न करें?

दिशा शूल के अनुसार, शुक्रवार को पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए। अगर यात्रा करना जरूरी हो तो जौ या राईं खाकर घर से बाहर निकलें। इस दिन राहुकाल सुबह 10 बजकर 54 मिनिट से दोपहर 12 बजकर 14 मिनिट तक रहेगा। राहुकाल में कोई भी शुभ काम न करें।

सूर्य-चंद्रमा उदय का समय

विक्रम संवत- 2082
मास- अगहन
पक्ष- शुक्ल
दिन- शुक्रवार
ऋतु- हेमंत
नक्षत्र- शतभिषा और पूर्वा भाद्रपद
करण- विष्टि और बव
सूर्योदय – 6:53 AM
सूर्यास्त – 5:36 PM
चन्द्रोदय – Nov 28 12:48 PM
चन्द्रास्त – Nov 29  12:40 AM

शुभ मुहूर्त

सुबह 06:53 से 08:13 तक
सुबह 08:13 से 09:34 तक
दोपहर 11:53 से 12:36 तक (अभिजीत मुहूर्त)
दोपहर 12:14 से 01:35 तक
शाम 04:15 से 5:35 तक

अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)

यम गण्ड – 2:55 PM – 4:15 PM
कुलिक – 8:13 AM – 9:34 AM
दुर्मुहूर्त – 09:02 AM – 09:44 AM और 12:36 PM – 01:19 PM
वर्ज्यम् – 09:49 AM – 11:26 AM

AD#1

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!