
विजय चौहान,काकाखबरीलाल@सरायपाली/बसना। महासमुंद जिले के एक शिक्षक रूपांनंद पटेल जो ऑनलाइन मार्केटिंग में सक्रिय था, उसे जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा नोटिस दिया गया था। इस मामले ने शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है, क्योंकि शिक्षक की प्राथमिकता बच्चों को शिक्षा प्रदान करना होना चाहिए, न कि ऑनलाइन मार्केटिंग में व्यस्त रहना।
शिक्षक की भूमिका बच्चों को शिक्षा प्रदान करना, उनके भविष्य को आकार देना और उन्हें समाज के जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए तैयार करना है। लेकिन जब शिक्षक ऑनलाइन मार्केटिंग जैसी गतिविधियों में व्यस्त होते हैं, तो इससे बच्चों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
पूरा मामला जिले के सरायपाली ब्लॉक का है जहां शासकीय हाईस्कूल नवांगढ़ के प्रभारी प्रचार्य रूपानंद पटेल को जिला शिक्षा अधिकारी ने ऑनलाइन मार्केटिंग जैसी कामों में संलिप्त होने के कारण नोटिस देते हुए 15 जुलाई को उपस्थित होकर स्पष्टीकरण मांगा गया था। साथ ही कहा है कि वायरल वीडियो में प्रचार प्रसार किया जा रहा है जो शासकीय सेवक के द्वारा इस प्रकार का कृत्य नियम विरुद्ध है।

बता दें कि सरायपाली व बसना ब्लॉक के अधिकांश शिक्षक हर्बल लाइफ , ऑनलाइन मार्केटिंग जैसी गतिविधियों में संलिप्त हैं जो बकायदा सोशल मीडिया पर आए दिन पोस्ट शेयर करते हुए दिख जाते हैं, अगर शिक्षा विभाग अच्छे से कार्यवाही करती है तो न जाने कितने और शिक्षकों पर यह गाज गिर सकती है।
ऑनलाइन मार्केटिंग/ हर्बल लाइफ जैसे कार्यो में लगे शिक्षक
सरायपाली/बसना क्षेत्र में ऐसे बहुत सारे शिक्षक हैं जो ऑनलाइन मार्केटिंग/ हर्बल लाइफ जैसे कार्यों में लगे हुए हैं। ये शिक्षक अपने शिक्षण कार्य के साथ-साथ ऑनलाइन मार्केटिंग में भी सक्रिय हैं। इससे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है, क्योंकि शिक्षकों का ध्यान शिक्षा से हटकर ऑनलाइन मार्केटिंग पर केंद्रित हो रहा है। इसके अलावा बहुत सारे शिक्षक ऑनलाइन मार्केटिंग के नाम पर हर्बल लाइफ जैसे चीजों में लगे हुए हैं जिसका काम प्रोडक्ट बेचना होता है जिसमें आये दिन इसका प्रचार प्रसार सोशल मीडिया पर करते दिखते रहते हैं।
ऑनलाइन मार्केटिंग पर शिक्षा विभाग का यह रुख देखकर आमजनों में शिक्षा विभाग के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण देखने को मिल रहा है। बहुत लोगों में चर्चा करते हुए बताया कि शिक्षा विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया और शिक्षक को नोटिस जारी किया जो कि एकदम सहीं है।
शिक्षकों की जिम्मेदारी
शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को शिक्षा प्रदान करें और उनके भविष्य को आकार दें। शिक्षकों को अपने शिक्षण कार्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और ऑनलाइन मार्केटिंग जैसी गतिविधियों से दूर रहना चाहिए। इससे बच्चों के भविष्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
बच्चों के भविष्य पर प्रभाव
जब शिक्षक ऑनलाइन मार्केटिंग में व्यस्त होते हैं, तो इससे बच्चों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। बच्चों को शिक्षा प्रदान करना शिक्षकों की प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि ऑनलाइन मार्केटिंग में व्यस्त रहना। इससे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है।

























