स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय सरायपाली में व्यक्तित्व विकास विषय पर मूल्य संवर्द्धित पाठ्यक्रम का हो रहा संचालन

काकाखबरीलाल@सरायपाली। स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय सरायपाली में व्यक्तित्व विकास विषय पर मूल्य संवर्द्धित पाठ्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। कार्यशाला का प्रारंभ प्रत्येक दिवस मुख्य वक्ता डॉ उषाकिरण अग्रवाल जी द्वारा पंजीकृत विद्यार्थियों के मन की संतुलन की वृद्धि एवं व्यक्तित्व विकास के लिए विभिन्न प्रकार के बाह्य गतिविधियों के माध्यम से करवाई जाती है। कार्यशाला के द्वितीय दिवस में लीडरशिप कैसे करें? विषय पर व्याख्यान हुआ। जिसमें उन्होंने नेतृत्व क्षमता विकसित करने के विभिन्न पहलुओं से विद्यार्थियों को परिचित कराया। उन्होंने कहा कि आज के समय में तनाव को कम करने के लिए भगवद्गीता सर्वश्रेष्ठ पुस्तक है। अपने वक्तव्य में आगे उन्होंने कहा कि “मनुष्य जीवन बहुमूल्य है इसलिए तनाव,झगड़ा,व्यर्थके विवाद एवं मन की अस्थिरता में जीवन को न गवाएं।”
कार्यशाला के तृतीय दिवस व्यक्तित्व विकास के संदर्भ में एटिट्यूड एंड मैनर्स विषय पर व्याख्यान हुआ। इस विषय पर व्याख्यान देते हुए उन्होंने कहा कि “आंखे मन का झरोखा हैं और चेहरा मन का दर्पण है।”अपने वक्तव्य में व्यक्तित्व के गहने अर्थात् महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में बताया। विद्यार्थियों से व्यहवार के सही और गलत के संबंध में कहा कि “कोई भी व्यवहार गलत नहीं होता बल्कि परिस्थितियाँ गलत होती हैं।”




























