
बरोली के स्टाफ नर्स मेघा साहू ने सुनाई अपनी दर्द
कहा एमपीडब्ल्यू के स्टाफ देते है मारने की धमकी
बरोली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का मामला
काका ख़बरीलाल महासमुंद/बसना. विगत दिनों बरोली के स्टाफ नर्स पर जबरदस्ती कॉपर टी लगाने का आरोप लगाये जाने की शिकायत खण्ड चिकित्सा अधिकारी बसना को लिखित शिकायत करने का मामला सामने आया था। आनन-फ़ानन में बसना बीएमओ ने बिना जांच किये एक तरफा कार्रवाई करते हुए जिला चिकित्सा अधिकारी का मौखिक आदेश का हवाला देते हुए स्टाफ नर्स को बरोली से हटाकर भँवरपुर भेज दिया गया। वही भंवरपुर के स्टॉफ नर्स को बरोली भेजने के आदेश से सरायपाली विधायक रामलाल चौहान समेत स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों में जमकर आक्रोश देखा गया साथ ही आदेश को निरस्त करने बकायदा लेटरपेड से जिला चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा गया
गौरतलब है कि बरोली में पदस्थ मेघा साहू पर जबरदस्ती पीपीआइसीयूडी लगाने का आरोप लगा था। जबकि हकीकत कुछ अलग ही बयां कर रहा। अगर सही रूप से बरोली मामले में जांच हो तो बड़े खुलासे हो सकते है.
मेघा ने काका ख़बरीलाल को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि एमपीडब्ल्यू के स्टाफ ने उन्हें विगत माह पहले मारने व बरोली से हटाने की धमकी दिया था। जिससे भयभीत होकर मेघा ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया था जिसके पश्चात अधिकारी के कहने पर पुरुष कार्यकर्ता ने माफ़ी माँगते हुए आगे गलती नही करने की बात कह कर मामले को रफा दफा कर दिया गया था। साथ ही मेघा को कहा गया कि अभी आवदेन वाट्सऐप ग्रुप में वायरल हुआ कल मीडिया में आएगा कहकर धमकी दी गई। मेघा ने आगे बताते हुए कहा कि विभाग के कर्मचारी ने मिलकर बेइज्जती करने के उद्देश्य व दुर्भावना पुर्वक मेरी झूठी शिकायत कर बरोली से हटा देने का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है। मेघा ने बताया कि 18 मई को श्रीमती यादव की डिलवरी बरोली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई। डिलवरी के दौरान साथ मे और 2 नर्स उपस्थित थे। डिलवरी के पश्चात हितग्राही के सहमति से कॉपर टी लगाया गया। हितग्राही उड़िया भाषी होंने के कारण हिंदी भाषा नही समझ पाई होगी लेकिन बराबर हितग्राही से पूछे जाने की बात कही गई। सहमती भरने के पश्चात ही कॉपर टी लगाया गया। इस दौरान साथ में 2 नर्स और 1 एनएम व आया सहयोगी मौजूद रहे। जबकि बीएमओ द्वारा बिना कोई स्पस्टीकरण व नोटिस के सीधा एक तरफा कार्रवाई मेघा साहू के ही ऊपर कर दिया गया। जिससे बरोली के ग्रामीणों में जमकर नाराज़गी देखी गई। जिसके पश्चात उक्त मामले को लेकर बरोली के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बीएमओ से मुलाकात भी की। बीएमओ के एक तरफ आदेश पर पंच सरपंच समेत ग्रामीणजनों में आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

एनएम ने कहाँ : 6 माह नही निकलेगा कॉपर टी
मामले पर बवाल तब हुआ जब डिलवरी महिला ने पुनः बरोली अस्पताल पहुंची तो उस दौरान उपस्थित एनएम ने हितग्राही को गुमराह कर कहा कि 6 माह तक कॉपर टी नही निकलेगा और कहा की साहू सिस्टर लगाई है वही जाने। जबकि उसी समय कॉपर टी निकाल दिया जाता तो किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न नही होती। वही ग्रामीणों ने यह भी बताया कि मेघा के बरोली आने से स्वास्थ्य कर्मचारियों का अवैध रूप से उपचार कार्य बन्द हो जाने के कारण बरोली से हटाने के लिए एकजुट होना बताया गया।
महिला हितग्राही ने नही की शिकायत
ख़बर छपने के बाद मामला जमकर गर्माया। बरोली में पंच सरपंच की बैठक के पश्चात महिला हितग्राही से पूछने पर बताया गया कि शिकायत उनके द्वारा नही किया गया। हितग्राही महिला व उसके पति के द्वारा नही बल्कि उप स्वास्थ्य केंद्र मेंदनीपुर के स्टाफ श्री प्रधान ने अपनी हेंड राइटिंग में 21 जून 2018 को खण्ड चिकित्सा अधिकारी बसना को लिखित शिकायत किया गया। वही शिकायत के उपरांत सीएचसी वाट्सऐप ग्रुप भेजा गया।
जब पंचायत बैठी तो लिखित शिकायत का आवेदन एमपीडब्ल्यू द्वारा बनाये जाने का खुलासा हुआ। वही मेघा ने बताया लिखित शिकायत मामले में विनय प्रधान ने मौखिक रूप से माफ़ी मांगी।

प्रताड़ित करने का आरोप, हुई शिकायत
मेघा साहू ने बताया कि स्टाफ के कर्मचारियों द्वारा ज़बरन परेशान कर प्रताड़ित करने की बात कही गई। न्याय के आश में 3 पेज की लिखित शिकायत मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, स्वास्थ्य विभाग सचिव, महिला आयोग छत्तीसगढ़ शासन, प्रदेश अध्यक्ष एनआरएचएम कर्मचारी संघ, महासमुंद जिला कलेक्टर, मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी महासमुंद, अनुविभागीय अधिकारी सरायपाली एवं खण्ड चिकित्सा अधिकारी के पास शिकायत करने की बात कही गई।
























