शिक्षाकर्मि एल बी वर्ग की चल रही है जोरों शोरों से बैठक… आगामी विधानसभा चुनाव में निभा सकते हैं अहम भूमिका.

विजय हिंदुस्तानी,काकाखबरीलाल/सरायपाली: शासन ने शिक्षाकर्मियों को जो संविलियन की जो सौगात दी है उससे शिक्षकों में असंतुष्टि है, प्रदेश के 1 लाख 24 हजार शिक्षाकर्मि वर्ग 03 सरकार से नाराज चल रहे है।
शिक्षाकर्मि वर्ग 03 की प्रमुख मांगो में वेतन विसंगति को दूर किया जाये साथ ही क्रमोन्नत वेतन मान देते हुए संविलियन किया जाए। जिस प्रकार से मध्यप्रदेश सरकार ने सभी अध्यापकों का संविलियन किया है उसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी 8 वर्ष की सेवा का जो बन्धन किया गया है उसको समाप्त करते हुए सभी का शिक्षा विभाग में संविलियन किया जाए और अनुकम्पा नियुक्ति दिया जाए, इन सभी मांगो को लेकर के प्रदेश भर के शिक्षाकर्मि वर्ग 10 अगस्त को रायपुर में धरना स्थल में धरना भी दिए थे ।
नाराज चल रहे सरायपाली विकासखंड के शिक्षाकर्मियों ने कुछ दिनों पहले ही थामा है फेडरेशन का हाथ
शिक्षाकर्मियों की बहूप्रतीक्षित मांग संविलियन की प्रक्रिया से नाराज चल रहे शिक्षाकर्मी वर्ग 03 के शिक्षकों ने वेतन विसंगति, वर्ष बन्धन की बाध्यता तथा क्रमोन्नति को लेकर सहायक शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय संघ के नेताओं की उदासीनता के कारण सरायपाली संकुल के वर्ग 03 के समस्त शिक्षाकर्मियों ने अपने मूल संगठन से इस्तीफा देकर दिनांक 18 अगस्त को छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन का हाथ थामा है। इसी बीच सरायपाली के वर्ग 03 के शिक्षकों में काफी रोष दिखाई दे रहा है आये दिन निये संघ फेडरेशन की बैठकें आयोजित हो रही है तथा विभिन्न मुद्दों पर चर्चाओं का दौर जारी है।
सहा. शिक्षक फेडरेशन का ब्लॉक संचालक नियुक
आज दिनांक 20/08/2018 सोमवार को सहायक शिक्षक LB/प./न.नि सरायपाली का विकासखंड स्तरीय बैठक स्थानीय रामचंडी सामाजिक भवन झिलमिला में आयोजित किया गया, बैठक में पूरे सरायपाली विकासखंड के सभी शिक्षक उपस्थित रहे। यह बैठक विगत 25 वर्षों से ठगे जा रहे सहायक शिक्षक को लेकर किया गया है। सभी वर्ग 03 के शिक्षक एक स्वर में छ. ग. प./न.नि/ शिक्षक संघ से अलग होने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है। इसी बीच बैठक में आज सहा.शिक्षक फेडरेशन सरायपाली के ब्लॉक संचालक के रूप में मनोज राय को तथा सह संचालक के रूप में सुषमा नंद को सर्वसम्मति से बनाया गया ।

आने वाले विधानसभा चुनाव को कर सकते है प्रभावित
बैठक में उपस्थित शिक्षकों ने एक स्वर में सम्बोधित करते हुए कहा कि अगर सरकार हमारे लिए कोई सही निर्णय नही लेती है तो शिक्षकों का एक बड़ा तबका आगामी विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने में पीछे नही हटेगा।
अब देखना यह होगा कि क्या अपने मूल संगठन से अलग होकर शिक्षकों का एक बड़ा तबका क्या कदम उठाता है? मातृत्व संगठन से अलग होकर कही गलत तो नही किया यह तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा।
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