
रामकुमार नायक, महासमुंद – छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को रोटी कपड़ा और मकान के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल जाए तो इससे अच्छी और क्या बात होगी. छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर में बसे महासमुंद जिले के सरायपाली में ओम हॉस्पिटल है. जहां बड़े से बड़े गंभीर बीमारियों का बेहतर इलाज हो रहा है. यह हॉस्पिटल महासमुंद जिले के सरायपाली-बसना और ओड़िशा बार्डर में रहने वाले लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है. वरदान इसलिए क्योंकि अब तक यहां रहने वाले लोगों को डिलीवरी और ऑपरेशन से डिलीवरी के लिए राजधानी का रूख करना पड़ता था. लेकिन अब सरायपाली में मौजूद ओम हॉस्पिटल में ही क्रिटिकल से क्रिटिकल डिलीवरी संभव है.
अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ दीपिका अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में 29 वर्षीय एक गर्भवती डिलीवरी के लिए पहुंची थी. डॉक्टरों को पहले ही जांच में ये पता चल चुका था कि बच्चे का वजन 4 किलो से अधिक है. यही कारण है कि डिलीवरी थोड़ी क्रिटिकल हो सकती है. नार्मल डिलीवरी के लिए डॉक्टरों ने प्रयास किया. लेकिन ये संभव न हो सका. जिसके बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर डिलीवरी की. डॉ अग्रवाल कहती है कि ऑपरेशन के बाद जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ्य है और बच्चे का वजन 4 किलो 300 ग्राम है. अब जल्द ही उसे अस्पताल से डिस्चार्ज करने की तैयारी है.

























