
सयुंक्त मोर्चा बसना द्वारा भारतीय संविधान को जलाने वाले आसामाजिक समूह के ऊपर तत्काल कार्यवाही की मांग की गयी
शुकदेव वैष्णव,काकाखबरीलाल: ज्ञात हो की दिनाँक 09/08/2018 को भारत के राजधानी दिल्ली के जंतरमंतर पर कुछ आसामाजिक तत्वों द्वारा संविधान की प्रतिया जलाई गयी थी भारत के संविधान निर्माता डॉ भीमराव अम्बेडकर मुर्दाबाद, एस एसटी मुर्दाबाद एवम् आरक्षण मुर्दाबाद के नारे लगाए गए थे ।
भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न समाजवादी पंथ निरपेक्ष लोकतान्त्रिक गणराज्य घोसित कर देश की एकता,अखण्डता व् बंधुत्व बढ़ाने के लिए 26 नवम्बर 1949 को संविधान सभा में संविधान को अंगीकृत कर अधिनियिमित और आत्मार्पित किया गया। एवम् संविधान

को 26 जनवरी 1950 से सम्पूर्ण देश में लागू किया गया।
संविधान के प्रतिया जलाना भारतीय समाज की भावनाओ को ठेस पहुचाने से अधिक राष्ट्र का अपमान करन है। एवम् अंवेधानिक व् गैर कानूनी है।
भारतीय संविधान की अवमानना करने वाले व् भारत की एकता अखण्डता को भंग करने वाले आसामाजीक तत्वों के ऊपर रास्ट्रीय सुरक्षा कानून व् राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाय एवम् इन संविधान विरोधियो की नागरिकता समाप्त कर फांसी की सजा की संयुक्त मोर्चा द्वारा मांग की गयी।

जिसमे प्रमुख रूप से सर्वआदिवासी समाज,प्रगतिसील छ.ग.सतनामी समाज, सतनामी मुक्ति केंद्र, चौहान सेना, अन्य पिछड़ा वर्ग एवम् अनुसूचित जाति अनुसूचित जन जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवम् अल्प संख्यक के प्रतिनिधि गण सामिल हो कर राष्ट्रपति के नाम तहसील कार्यालय बसना में तहसीलदार महोदय को ज्ञापन सौंप कर कार्यवाही करने की मांग की गयी।





























