सरायपाली :सरायपाली से सारंगढ़ पहुंच मार्ग जर्जर दुर्घटना का बना हुआ है खतरा

सरायपाली से सारंगढ़ पहुंच मार्ग अत्यंत ही खराब है। 40 किलोमीटर की दूरी को सफर करने में लोगों को घंटों लग जाते हैं। इस मार्ग को सरायपाली-रांची से जोड़ने केंद्र सरकार की एक योजना के तहत रायगढ़ तक 90 किमी के लिए 329.71 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत हुई थी, लेकिन 2015 से शुरू हुए इस पहुंच मार्ग का काम ठेकेदारों ने 7 वर्षों बाद भी अब तक पूर्ण नहीं कर पाए।इन सात वर्षों में 2 ठेकेदार भी बदल गए, लेकिन सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। अब इस अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए तीसरी बार ठेका जारी किए जाने की जानकारी मिली है।
मिली जानकारी के अनुसार सरायपाली से रायगढ़ 90 किमी सड़क मार्ग का कार्य सर्वप्रथम ऐरा कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था। कंपनी 2015 से 2017 तक काम करने के बाद सड़क निर्माण कार्य को अधूरा छोड़ कर भाग गई। इसके बाद ग्रोवर कंपनी को अधूरे कार्य को पूरा करने काम मिला। कंपनी ने 2018 से 2021 तक काम किया। इस कंपनी को ऐरा कंपनी का पेटी कांट्रेक्टर माना गया था। कुछ दिनों बाद वह भी काम अधूरा छोड़ चली गई। इस मार्ग को पूर्ण किए जाने के लिए 2 वर्षों का समय दिया गया था, लेकिन आज 7 वर्षों बाद भी सड़क का कार्य अधूरा है। इन ठेकेदारों के कार्यों व लापरवाही की वजह से लगभग 40 किलोमीटर की सड़क आधी-अधूरी है। कई पुल-पुलियों का निर्माण भी हुआ, लेकिन आज भी बोड़सरा, नवागढ़ व सारंगढ़ जाने तक सभी पुल अधूरे हैं। इन पुलियों के आस-पास की सड़कों को भी नहीं बनाया गया। पुलों के बाजू से अप्रोच रोड तो बना, लेकिन डामरीकृत न होने के कारण जगह-जगह गड्ढों व कच्ची मिट्टी के कारण धूल से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन स्थानों पर आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। नवागढ़ के पास कुछ मीटर तक ही सड़क वह भी एक तरफ बनी है। जबकि, दूसरी तरफ की अधूरी पड़ी है। बोड़सरा तक एक तरफ खुदाई कर अधूरा छोड़ दिया गया है। सरायपाली से सारंगढ़ तक अनगिनत गड्ढे बन गए, जिससे दुर्घटना का खतरा रहता है।
अधूरे कार्य पूरा होने की उम्मीद
इस खराब व अधूरे सड़क निर्माण से हो रही परेशानियों को देखते हुए विगत दिनों इसकी शिकायत केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से की गई थी, जिसे केंद्रीय मंत्री गडकरी ने तत्काल संज्ञान में लेते हुए तुरंत कार्यवाही किए जाने का आश्वासन दिया था। पश्चात राष्ट्रीय राजमार्ग की एक टीम सड़क के निरीक्षण के लिए आई थी। सड़क की दुर्दशा व आवश्यकता को देखते सड़क निर्माण कार्य अविलंब प्रारंभ किए जाने का निर्देश दिया था। संभावना जताई जा रही है कि बरसात बाद अधूरे निर्माण का कार्य को पूरा करने कार्य शुरू हो जाएगा।



























