दलदल में तब्दील हुई सड़क,लोगों का चलना मुश्किल

देशराज दास बसना।रसोड़ा,सराईपतेरा,बरगांव बसना मुख्यालय से लगे 2 किमी दूरी पर लगे ग्राम पंचायत बरगांव पीडब्ल्यूडी सड़क किचड़ से सराबोर है जिसकी लम्बाई करीब तीन किमी है जब कि 2.5 किमी में डामरीकरण हो चुकी है। गांव के राजेश प्रधान, रघुनाथ यादव,जीत यादव, देवेंद्र सामल, अनुज कुमार ,संदीप प्रधान,भूपेंद्र भाई ,पूर्ण चंद साहू, राजेंद्र भाई, प्रताप भोई ,हेमसागर यादव और भी मोह्हले वाले ने बताया की जब से बरगांव ग्राम बसा है इस यह मार्ग बरसात में कीचड़ से सराबोर रहता है।बरसात दे दिनों गांव में बरसात का पानी जाम होने के कारण वाहनों का चलना तो दूर हितग्राहियों को आवाजाही में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्राम बरगांव के गली के शुरू से लेकर आखिरी हिस्सा पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो गया है गली का हालत इस कदर बदतर हो चुकी है कि वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।जब कि इस मार्ग से गुजर कर स्कूलीय बच्चे स्कूल पड़ने जानते है।पीडब्ल्यूडी विभाग के स्थल सहायक प्रफुल्ल चंद्र होता का कहना है लोक सुराज अभियान के तहत आवेदन आया था इसके निराकरण में बजट में प्रस्तावित किया गया है।

और शासन से अपेक्षित है।ग्राम पंचायत रसोड़ा के ग्राम वासी का भी कहना है की बरसात के दिनों में स्कूल में बच्चों को आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है बरगांव से रसड़ा मार्ग कीचड़ से सराबोर है। गांव वालों ने ग्राम पंचायत बरगांव के सरपंच के पास जाकर गली कांक्रीटीकरण के मांग कई साल से स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर शासन प्रशासन तक की जा चुकी है परंतु ध्यान नहीं दिया जा रहा है इस से बरगांव,रसोड़ा, सराईपतेरा खास करके रसोड़ा और बरगांव मोहल्लेवासी कीचड़ की वजह से बहुत परेशान है। ज्ञात हो कि उक्त गली से होकर रोजाना किसानों का खेत एवं छात्रों को स्कूल जाना होता है सूखे में तो किस तरह लोग आना-जाना कर लेते हैं मगर बरसात में लोगों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पढ़ रहा है साइकिल ,मोटरसाइकिल कीचड़ में फंसने से उसे पार करना मुश्किल हो जाता है। लोग आप इस गली से होकर पैदल गुजरने से भी कतराते हैं।
इस संबंध में जानकारी के लिए कार्यपालन अभियंता आर.के.खमरा,एसडीयो नीता रामटेके को दूरभाष से संपर्क किया पर उन्होंने कॉल नही उठाया।























