विकास के रास्ते तय करेंगे आगे का सफर – डॉ. रमन सिंह

काकाखबरीलाल रायपुर । मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह प्रदेशव्यापी लोक सुराज अभियान के तहत राज्य के अंतिम छोर के नक्सल हिंसा पीड़ित जिले सुकमा के ग्राम इंजरम में आयोजित लोक समाधान शिविर में शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर बस्तर संभाग के इस जिले में ग्राम इंजरम से भेज्जी तक करीब 20 किलोमीटर सड़क का नामकरण शहीद जगजीत सिंह के नाम पर करने की घोषणा करते हुए इस मार्ग की नाम पट्टिका का अनावरण भी किया। डॉ. सिंह ने इस मौके पर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30 में सुकमा से कोंटा तक बन रही सड़क का भी बाइक पर बैठकर निरीक्षण किया। ज्ञातव्य है कि स्वर्गीय श्री जगजीत सिंह केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल में निरीक्षक के पद पर कार्यरत थे। इंजरम-भेज्जी किलोमीटर मार्ग निर्माण कार्य में सुरक्षा ड्यूटी करते हुए उन्होंने पिछले वर्ष आज ही के दिन अर्थात 11 मार्च को नक्सलियों का बहादुरी से मुकाबला किया। इस मुठभेड़ में उनकी शहादत हुई। मुख्यमंत्री ने इंजरम के समाधान शिविर में इस घटना का उल्लेख करते हुए जनता से कहा कि श्री जगजीत सिंह और उनके साथियों की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नक्सलवाद की गंभीर चुनौती के बावजूद इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण इस बात का परिचायक है कि विकास के रास्ते पर चलकर हम सब नक्सल समस्या को खत्म कर सकते हैं। केन्द्र सरकार की एलडब्ल्यूई योजना के तहत सुकमा जिले में सात प्रमुख सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। लगभग 18 करोड़ 94 लाख रूपए की भेज्जी-इंजरम सड़क भी इनमें शामिल है। शहीद इंस्पेक्टर जगजीत सिंह पंजाब के गुरदासपुर जिले के ग्राम कोटलाश्राफ के निवासी थे। इंजरम-भेज्जी सड़क निर्माण में सुरक्षा ड्यूटी में उनकी काफी महत्वपूर्ण भूमिका थी। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30 पर सुकमा-कोंटा सड़क का निरीक्षण भी किया। उल्लेखनीय है कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग उत्तराखण्ड राज्य के सितारगंज से शुरू होकर छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के सुकमा जिले से गुजरकर आन्ध्रप्रदेश के इब्राहिमपटनम तक बन रहा है। इसकी कुल लम्बाई दो हजार 040 किलोमीटर है। डॉ. सिंह ने इन दोनों सड़कों के निर्माण में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात अनेक जवानों की शहादत को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने कहा-बस्तर संभाग और विशेष रूप से इस संभाग के सुकमा, बीजापुर जैसे जिलों में सुरक्षा बलों के हमारे जवान और अधिकारी पूरी मुस्तैदी से नक्सल चुनौती का सामना कर रहे हैं। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के निरीक्षक श्री जगजीत सिंह जैसे कई बहादुर जवानों ने इस अंचल में सड़कों के निर्माण और विकास कार्यों में सुरक्षा के दायित्वों का निर्वहन करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है। मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।




























