प्रदेश सरकार की गोधन न्याय योजना पशुपालकों के लिए संजीवन साबित हो रही

रायपुर( काकाखबरीलाल). भूपेश सरकार के गोधन न्याय योजना से हो रही आय से ग्रामीण पशुपालकों की जरूरते पूरी होने लगी है। जशपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन करने वाले किसानों को इस योजना का सीधा लाभ मिलने लगा है। 2 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से गौठान में गोबर विक्रय से उन्हें प्रत्यक्ष लाभ होने लगा है, जिससे उनके सपने को सकार करने में भी भरसक सहायता मिली है। जशपुर जिले के विकासखंड कांसाबेल के ग्राम बगिया की निवासी पशुपालक सलेन कुजूर ने गोधन न्याय योजना के अंतर्गत 19 क्विंटल गोबर का विक्रय किया है, जिससे उन्हें लगभग 3800 रुपए की आमदनी हुई है। सलेन ने बताया कि पहले वह अपने घर से निकलने वाले गोबर को खलिहान में डाल देते थे। इससे उन्हें प्रत्यक्ष रूप से कोई लाभ नहीं होता था, लेकिन गोधन न्याय योजना के प्रारंभ होने के बाद वह उन गोबर का गौठान में विक्रय कर रही है। इसका उनका प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। सलेन ने बताया कि वह गोबर बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग अपने दैनिक जीवन की उपयोगी वस्तुओं को खरीदने में कर रही हैं।
हितग्राही सलेन ने अपनी खुशी का बयान करते हुए बताया कि गोधन न्याय योजना उनके लिए अतिरिक्त आय का जरिया बनी है। इसके माध्यम से वे उन चीजों को खरीदने में सक्षम हुई हैं, जिनकी आवश्यकता होने पर भी खरीदी नहीं कर पाती थी। अब वे अपनी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने मे सक्षम हो रही है। उनका कहना है कि जल्द ही वे गोबर विक्रय की राशि से अपने लिए नए गाय खरीदेगी। इसके लिए वे धन एकत्र कर रही है। यह योजना उनके इस सपने को पूरा करने में काफी मददगार साबित हो रही है। गाय की खरीदी से वे दुग्ध उत्पादन सहित अन्य उत्पादों का विक्रय कर अपनी आय में वृद्वि करेंगी। उन्होने बताया कि इस योजना के तहत पशुपालकों को गोबर की विक्रय राशि हर पाक्षिक मिलने से उनके नए उम्मीदों को बल मिलने लगा है। उन्होंने जशपुर जिले में गोधन न्याय योजना के बेहतर संचालन के लिए प्रदेश मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया है। जिन्होने उनके जैसे ग्रामीण पशुपालकों की आवश्यकता को समझा व उनके लिए अतिरिक्त आय का सरल जरिया प्रदान किया।


























