प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज की बैठक संपन्न

-डिग्रीलाल जगत
खरसिया (काकाखबरीलाल) । स्थानीय सतनाम कार्यालय मौहापाली रोड खरसिया में प्रगतिशील छत्तीसगढ सतनामी समाज संगठन का बैठक रखा गया। बैठक में प्रदेशाध्यक्ष श्री एल. एल. कोशले एवं प्रांतीय पदाधिकारियों का गरिमामय आगमन हुआ । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री कोसले जी एवं अन्य अतिथियों द्वारा सद्गुरु घासीदास बाबा जी के आरती वंदन से कार्यक्रम की शुरुआत की गई। तत्पश्चात खरसिया सतनामी समाज के अध्यक्ष इंद्रा बघेल एवं पदाधिकारियों द्वारा मुख्य अतिथि सहित प्रांतीय अतिथियों का पुष्प हार से स्वागत, अभिनंदन किया गया।
मुख्य अतिथि श्री एल एल कॊसले जी प्रदेशाध्यक्ष, विशिष्ट अतिथि श्री मोहन बजारे जी ( युवा प्रकोष्ठ प्रांताध्यक्ष) एवं श्री विजय कुर्रे जी (प्रदेश महासचिव युवा प्रकोष्ठ), कार्यक्रम की
अध्यक्षता श्री इंद्र कुमार बघेल जी प्र.छत्तीसगढ़ सतनामी समाज संगठन खरसिया के द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में पदाधिकारी गण एवं वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
प्रदेशाध्यक्ष ने अपने संबोधन में समाज की एकजुटता के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने आगे कहा कि हम सब को मिलजुलकर समाज को आगे ले जाना है और इस कार्य में प्रत्येक व्यक्ति का महत्वपूर्ण योगदान है।
श्री मोहन बंजारे ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति के मन में समाज के प्रति सेवा भावना उत्पन्न होनी चाहिए और निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करते रहनी चाहिए।
श्री विजय कुर्रे जी ने कहा कि प्रगतिशील छत्तीसगढ सतनामी समाज संगठन निरंतर आगे बढ़ते हुए अपने सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन कर रहा है। आज छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में संगठन के पदाधिकारी सक्रियता से सामाजिक कार्यों में लगे हुए हैं। संगठन पदाधिकारी समाज हित कार्यों के लिए सदैव तत्पर हैं।
खरसिया अध्यक्ष इंद्र कुमार बघेल जी ने बताया कि समाज को किस तरह एकजुट रहना चाहिए एक बहुत अच्छी उदाहरण के माध्यम से उन्होंने अपना संदेश सुनाया कि समाज को मधुमक्खी के छत्ते की तरह होनी चाहिए जिससे समाज को नई मिठास का रसपान करने का अवसर मिलता रहे और अगर मधुमक्खी छत्ते पर कोई पत्थर मारता है तो वहां मधुमक्खी उन पर एक साथ झुंड जाता है उसी तरह समाज को एकजुट मिलकर रहना चाहिए जिससे समाज में एक नई शक्ति मिलती रहे।
खरसिया युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष राकेश घृतलहरे ने बताया की सोशल मीडिया संचार का महत्वपूर्ण साधन है इसका उपयोग समाज हित में करके समाज को संगठित किया जा सकता है।
युवा प्रकोष्ठ संरक्षक श्री राकेश नारायण बंजारे ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी संगठन और समाज के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था संजीवनी का काम करता है। जब तक संगठन में लोकतांत्रिक पद्धति और पारदर्शिता कायम रहती है संगठन दीर्घजीवी होता है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय के बीच फ्रांस के प्रसिद्ध दार्शनिक वाल्तेयर के कथनों को दोहराया कि ‘भले ही मैं आपके विचारों से असहमत होऊं लेकिन आप विचार प्रकट करने के अधिकार का सम्मान करता हूँ।’ समाज में भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रत्येक सदस्यों को होनी चाहिए जिससे व्यक्ति निर्भीक होकर अपने विचार रख सकें।
संगठन के संरक्षक हर प्रसाद ढेढ़े, एम पी कुर्रे, चैत राम धिरहे, उपाध्यक्ष ओमप्रकाश बंजारे, जिलाध्यक्ष बानू खूंटे, प्रदीप ऋंगि सहित अधिकांश लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में प्रांताध्यक्ष एल एल कोशले, युवा प्रकोष्ठ प्रांताध्यक्ष मोहन बंजारे, महासचिव विजय कुर्रे, जिलाध्यक्ष बानू खूंटे, प्रदीप ऋंगि, खरसिया अध्यक्ष इंद्रा बघेल, उपाध्यक्ष रामनारायण भारद्वाज, अमर सिंह भारद्वाज, ओमप्रकाश बंजारे, संरक्षक समारु राम रात्रे, हर प्रसाद ढेढ़े, एम पी कुर्रे, चैत राम धिरहे, सचिव केशव खंडेल, सह सचिव हंसा घृतलहरे, कोषाध्यक्ष दिलीप कुर्रे, रोहन भारद्वाज, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष राकेश घृतलहरे, उपाध्यक्ष महिपाल सिंह पंकज, संरक्षक राकेश नारायण बंजारे, सचिव मोहन भारद्वाज, नरेंद्र कुर्रे, संगठन मंत्री अरविंद बंजारे, प्रचार मंत्री युवराज बंजारे, पूर्णिमा कुर्रे, अशोक कुर्रे, रामप्रसाद बघेल, दिनेश घृतलहरे, गनपत मनहर, श्याम कुमार बंजारे, सुंदर कुर्रे, श्याम लाल बंजारे, कोमल रात्रे, बुटु लाल जांगड़े, सोमी बघेल, धनंजय बघेल सहित सतनामी समाज के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन श्री रवि बंजारे द्वारा किया गया।
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