महासमुंद

सेवा की कहानी : पीएमएफएमई योजना से राइस मिल खोलने का सपना हुआ साकार

व्यवसाय को मिला विस्तार और बढ़े रोजगार के अवसर,

काकाखबरीलाल@डेस्करिपोर्टर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा का मूल भाव रहा है कि देश का विकास तभी सार्थक है, जब गांव, किसान और छोटे उद्यमी विकास की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें। इसी संकल्प को साकार करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें आधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता और बेहतर बाजार से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) ऐसे ही प्रयासों का महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसने छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया है।
श्री अमित बंसल लंबे समय से चना आधारित उत्पादों के व्यवसाय से जुड़े हुए थे। इसके बाद उन्होंने राइस मिल की स्थापना कर खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अपने व्यवसाय का विस्तार किया। राइस मिल में सॉर्टेक्स मशीन उपलब्ध नहीं होने के कारण चावल की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ ही धान के प्रसंस्करण में काफी नुकसान उठाना पड़ रहा था। ऐसे समय में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, महासमुंद के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की जानकारी प्राप्त हुई।
योजना की जानकारी मिलने के बाद श्री अमित बंसल ने ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति के उपरांत जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा उनका प्रकरण भारतीय स्टेट बैंक, पंडरी शाखा, रायपुर को प्रेषित किया गया। बैंक द्वारा प्रकरण पर कार्रवाई करते हुए 28 लाख 1 हजार 48 रुपये की राशि स्वीकृत एवं वितरित की गई। इस वित्तीय सहायता से श्री बंसल ने अपनी राइस मिल के लिए आधुनिक सॉर्टेक्स मशीन का क्रय किया। सॉर्टेक्स मशीन स्थापित होने के बाद राइस मिल में चावल की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। साथ ही धान के प्रसंस्करण के दौरान होने वाला नुकसान भी काफी कम हुआ है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से उत्पादन प्रक्रिया अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण हुई, जिससे श्री बंसल के व्यवसाय को मजबूती मिली। मशीन की स्थापना के बाद उन्होंने अपनी इकाई में दो अतिरिक्त लोगों को रोजगार भी प्रदान किया है।
श्री अमित बंसल बताते हैं कि पीएमएफएमई योजना के माध्यम से मिली सहायता ने उनके व्यवसाय को नई दिशा दी है। आधुनिक मशीनरी के उपयोग से जहां उनके उद्यम की कार्यक्षमता और उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, वहीं रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। वे इस सहयोग के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार तथा पीएमएफएमई योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि योजना ने उन्हें एक आत्मनिर्भर उद्यमी बनने और अपने खाद्य प्रसंस्करण उद्यम को आत्मनिर्भर बनाने में सक्षम एवं सशक्त किया है।

AD#1

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!