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सरायपाली : भारती हॉस्पिटल पर एफआईआर करने आदेश जारी, पर विभाग द्वारा मामला दबाने की कोशिश….

सरायपाली@काकाखबरीलाल। क्षेत्र में बहुप्रतीक्षित हॉस्पिटल के नाम से विख्यात भारती हॉस्पिटल का महीनों से लायसेंस समाप्त हो चुका है लेकिन यह अस्पताल धड़ल्ले से चल रहा है स्वास्थ्य विभाग महज खानापूर्ति कर रही है। जानकारी अनुसार इस हॉस्पिटल का पंजीयन महीनों पहले ही समाप्त हो चुका है यह बिना रोगोपचार चिकित्सा लायसेंस के चल रहा है जिसपे अब तब कोई कार्यवाही नहीं हुई है, साथ ही इसी प्रकार हॉस्पिटल पंजीयन के हॉस्पिटल में सोनोग्राफी हो रहा है। जिस ओर स्वास्थ्य विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।

आयुष्मान योजना में गड़बड़ी जिससे एक साल के लिए हॉस्पिटल पर लगा है बैन

स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण योजना आयुष्मान भारत योजना में हॉस्पिटल के द्वारा भारी गड़बड़ी एंव अनियमितता बरती गई थी जिसके चलते इस हॉस्पिटल पर 40 लाख जुर्माना एंव एक साल के लिए हॉस्पिटल को आयुष्मान योजना से अलग किया गया था साथ ही इसी तरह हॉस्पिटल में बिना छत्तीसगढ़ मेडिकल कॉउंसिल पंजीयन डॉक्टर के इलाज किया जा रहा है। इस सम्बंध में संचालक स्वास्थ्य सेवाओं ने स्पष्ट रूप से पुलिस में एफआईआर का आदेश दिया हुआ है।
भारती हॉस्पिटल में अनियमियताओ की भरमार है जानकारी अनुसार यहां ओड़िसा से आकर के डाक्टर मोतियाबिंद का इलाज एंव जनरल सर्जरी कर रहे जबकि छत्तीसगढ़ में प्रैक्टिस के लिए सीजी मेडिकल काउंसिल से पंजीयन अनिवार्य है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार भारती हॉस्पिटल में कार्यरत महिला रोग विशेषज्ञ का भी छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल से पंजीयन नही है जिसकी शिकायत स्वास्थ विभाग से की जा चुकी है लेकिन कार्यवाही शून्य है।
शिकायत के बावजूद भी मुख्य स्वास्थ्य एंव चिकित्सा अधिकारी द्वारा कार्यवाही न किया जाना संदेह पैदा कर रहा है।

एफआईआर करने आदेह जारी: विभाग ने साधी चुप्पी

आयुष्मान योजनाओं में गड़बड़ी को लेकर हॉस्पिटल को 1 साल के लिए योजना से बाहर रखा था एंव अब 3 जनवरी 2023 को एफआईआर का आदेश जारी हुआ है लेकिन सीएचमओ कार्यलय में यह मामला गुपचुप तरीके से दबाया हुआ है। इस संबंध में सीएचएमओ से दुरभाष के माध्यम से जानकारी लेनी चाही पर संपर्क नहीं हो पाया।

स्वास्थ्य विभाग की कार्य प्रणाली पर उठे सवाल ?

यहां मामला उजागर होने के बाद अब जिले के स्वास्थ्य विभाग के कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। जिले में ऐसे कितने निजी अस्पताल और क्लिनिक संचालित होंगे। जो बिना पंजीयन और विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी के चल रहे। जिलेभर में संचालित निजी अस्पतालों के प्रति स्वास्थ्य विभाग कितना गंभीर है। इसका उदाहरण आप सरायपाली में संचालित भारती हॉस्पिटल से लगा सकते है। जहां पंजीयन खत्म होने के बावजूद महीनों तक अस्पताल संचालित हो रहा है।

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