छत्तीसगढ़

भारत बना दुनिया का “ग्रीन हीरो”: अब कुल वन क्षेत्र में 9वें स्थान पर, जानिए कैसे हुआ यह चमत्कार

काकाखबरीलाल@डेस्क रिपोर्ट। भारत ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अब कुल वन क्षेत्र (Forest Area) में दुनिया का 9वां सबसे बड़ा देश बन गया है। पहले भारत 10वें स्थान पर था।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने किसे दिया उपलब्धि का श्रेय?

इस रिपोर्ट ने यह भी दिखाया है कि भारत ने वार्षिक वन क्षेत्र वृद्धि (Annual Forest Area Growth) में भी अपना तीसरा स्थान (3rd Rank) बरकरार रखा है। यानी हर साल भारत में पेड़ों और जंगलों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान और सामुदायिक वन संरक्षण के प्रयासों का नतीजा है।

कैसे भारत ने जंगलों में बढ़त हासिल की?

पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, बीते वर्षों में राज्य सरकारों और आम जनता के संयुक्त प्रयासों से देश में लाखों हेक्टेयर नए वन क्षेत्र जोड़े गए। शहरों और गांवों दोनों में वृक्षारोपण अभियान (Tree Plantation Campaigns) बड़े स्तर पर चलाए गए, जिससे हरित आवरण (Green Cover) में भारी वृद्धि हुई।

मंत्री यादव ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा- “भारत के लिए यह गर्व की बात है कि हमने वैश्विक वन क्षेत्र की रैंकिंग में एक पायदान ऊपर चढ़कर 9वां स्थान प्राप्त किया है। साथ ही, हम वन वृद्धि दर में दुनिया में तीसरे स्थान पर हैं।”

कौन-कौन से देश हैं भारत से आगे?

एफएओ की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया का कुल वन क्षेत्र (Global Forest Area) लगभग 4.14 अरब हेक्टेयर है, जो पृथ्वी की करीब 32 प्रतिशत भूमि को कवर करता है। इनमें से 54 प्रतिशत जंगल सिर्फ पाँच देशों- रूस, ब्राज़ील, कनाडा, अमेरिका और चीन में हैं। भारत अब ऑस्ट्रेलिया, कांगो और इंडोनेशिया के साथ दुनिया के टॉप 10 वन-समृद्ध देशों में शामिल हो गया है।

क्या भारत आने वाले वर्षों में टॉप-5 में जगह बना पाएगा?

यह बड़ा सवाल अब चर्चा में है। क्योंकि चीन, रूस और भारत तीनों ही देश सबसे तेज़ी से अपने जंगलों का विस्तार कर रहे हैं। रिपोर्ट बताती है कि चीन ने 2015 से 2025 के बीच हर साल 1.69 मिलियन हेक्टेयर जंगल बढ़ाए, जबकि भारत ने 1.91 लाख हेक्टेयर प्रति वर्ष की वृद्धि दर्ज की। अगर यह रफ्तार जारी रही, तो आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के शीर्ष 5 ग्रीन देशों में शामिल हो सकता है।

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