ज्योत-ज्वारा की अगुवाई में माँ दुर्गा को नम आँखों से विदाई

नंदकिशोर अग्रवाल,काकाख़बरीलाल @पिथौरा। नवरात्रि पर्व की समाप्ति पर पिथौरा नगर की आराध्य माता दुर्गा का विसर्जन श्रद्धा, धूमधाम और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। नगर की इस भव्य शोभायात्रा की अगुवाई ज्योत-ज्वारा के साथ की , जिसके पीछे दुर्गा माता की मनमोहक झांकी चल रही थी।
धार्मिक परंपराओं में ज्योत-ज्वारा का विशेष महत्व है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था और शक्ति का जीवंत प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि ज्वारा में बोए गए जौ के अंकुर देवी की कृपा और भक्तों की मनोकामनाओं की पूर्ति का संकेत होते हैं। विसर्जन से पूर्व इन ज्वारों को सिर पर धारण कर शोभायात्रा में चलना, देवी के साक्षात् स्वरूप को साथ लेकर चलने जैसा माना जाता है। इसी पवित्र ज्वारा के नेतृत्व में माता की भव्य झांकी नगर की परिक्रमा के लिए निकली। इस दौरान नगर वासियो ने जगह जगह माता की आरती उतार स्वागत किया
नगर की पुरानी परंपरा के अनुसार, माता की झांकी ढोल-थाप की गूंज और भजनों की ध्वनि के साथ निकाली गई। निर्धारित समय पर, विराजमान कुल 12 पंडालों की भव्य झांकियाँ नगर के बस स्टैंड से शुरू होकर थाना चौक और मंदिर चौक से गुजरते हुए देर रात तक बस्तीपार तालाब पहुंची। तालाब पर बैगा-मुझिया ने विधि-विधान से पूजा-पाठ करते हुए माता को विदाई दी।
आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। पूरा नगर भक्ति के रंग में सराबोर रहा। भक्तों ने जगह-जगह नारियल चढ़ाकर और पुष्पवर्षा कर माता की सेवा की। नवरात्रि के नौ दिनों तक भक्तों द्वारा की गई अनवरत सेवा का समापन विदाई के इन भावुक क्षणों में हुआ। भक्तों की नम आँखें देवी के प्रति उनके गहरे प्रेम और अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना को व्यक्त कर रही थीं। ग्रामीण अंचलों में भी ज्योत-ज्वारा को विसर्जन कर माता को नम आँखों से विदाई दी।



























