महासमुंद

कनेक्शन ही नहीं लगाया और विभाग ने भेज दिया 15 हजार का बिजली बिल..बिजली विभाग की बिलिंग व्यवस्था से उपभोक्ता परेशान हैं।

मीटर की रीडिंग 6-7 महीने में की जा रही है।

रोज 20-30 लोग बिल से जुड़ी समस्या लेकर दफ्तर पहुंचते हैं।

सत्यप्रकाश अग्रवाल, भँवरपुर/काकाखबरीलाल। रीडिंग करने वाले की गलती होने के बाद भी विभाग उपभोक्ता से आवेदन मांगता है और बिल पटाने का दबाव भी बनाता है।
इतना ही नहीं एक किसान को तो बिना विद्युत कनेक्शन दिए ही 15 हजार का बिल थमा दिया गया। ग्राम भंवरपुर के कृषक ओमप्रकाश पटेल ने दो एचपी कृषि पंप के लिए भंवरपुर विद्युत वितरण केंद्र के कनिष्ठ यंत्री के नाम आवेदन प्रस्तुत किया। उनके खेत में अब तक कनेक्शन नहीं लगा। फिर भी उनके नाम पर विभाग ने 15110 रुपए का बिल भेज दिया है। इस तरह के फर्जी बिलिंग से किसान भी परेशान है। पटेल के बेटे कृष्ण कुमार पटेल ने सहायक यंत्री भंवरपुर को पत्र लिखकर विद्युत विभाग द्वारा दिए गए कनेक्शन स्थान बताने का निवेदन किया है। विभाग को अपनी गलती का अहसास होने लगा है।

अभी तक विभाग उस जगह को बताने मे असमर्थ है, जिस पंप कनेक्शन के लिए बिल भेजा गया है। भंवरपुर के कृषक कृष्ण कुमार पटेल ने बताया कि कनेक्शन देने के लिए विभाग का ठेकेदार जब खंभा लगाने आया तो एक कृषक जगदीश पिता संतकुमार पटेल ने आपत्ति की, इसके बाद खंभा ही नहीं लगाया गया है।

6 महीने में एक बार होती है रीडिंग

इधर आम उपभोक्ता मनमानी बिलिंग से परेशान है क्योंकि जब 6 माह में एक बार रीडिंग आती है। आखिरी बिल में बिजली चार्ज का स्लैब बढ़ा हुआ होता है। कुछ उपभोक्ता जो विभाग पहुंच जाते उनके बिल का एवरेज निकालने से रकम कम हो जाती है। एई आरआर साहू ने कहा कि इससे विभाग को राजस्व समय पर आना था वह लेट आया है और उपभोक्ता भी परेशान है। एक उपभोक्ता ने जब पूछा कि ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर कर सकते हैं तो उनका कहना है कि विभाग और उपभोक्ता दोनों द्वारा किया जा सकता है।

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