
रिपोर्ट — नन्द किशोर अग्रवाल
पिथौरा। इन दिनों में दस रूपए के सिक्के बंद होने की अफवाह फैली हुई है। वहीं आम लोगों में दस रूपए के सिक्का को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। इधर विधि के जानकार लोंगों का कहना है कि भारतीय प्रचलित मुद्रा को हर किसी को स्वीकार करना होगा। अन्यथा शिकायत होने पर संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही के प्रावधान बने हुए है।
- इन दिनों दस रूपए के सिक्के बाजार में नकली आने की अफवाह फैली हुई है। जिसके कारण व्यापारी वर्ग सिक्का लेने से कतरा रहे है। सब्जी बाजार में उक्त सिक्का किसी भी कीमत में नहीं लिए जा रहे है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग तथा बच्चों के गुल्लक में रखे सिक्के अचानक बाहर आने लगे है। कुछ लोगो ने तो बाजार में बहुतयात नकली सिक्का आने की अफवाह को कारण बताया है। जबकि जानकार लोगो का मानना है कि रिजर्व बैंक द्वारा दस रूपए की सिक्के में 2-3 बार कुछ बदलाव किये गए है। इसलिए नए एवं पुराने दस के सिक्के में काफी अंतर है। लोग पुराने सिक्के को नकली बता रहे है। जबकि ऎसा नही है। बाजार में नकली सिक्का आने की खबर केवल अफवाह ही दिख रही है।
भारतीय मुद्रा अधिनियम में बने प्रावधानों के अनुसार कोई भी व्यक्ति मान्य मुद्रा को लेने से इंकार नहीं कर सकता। अगर ऐसा करता है तो उक्त अधिनियम तथा आईपीसी की धारा के तहत अपराध पंजीबद्ध हो कर सजा का प्रावधान है।
बजरंग अग्रवाल अधिवक्ता एवं कानूनविद
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