सरायपाली :समय पर संचालित नहीं हो रहे हैं अंचल के कई आंगनबाड़ी केंद्र

शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों के समय पर नहीं खुलने तथा समय से पहले बंद कर देने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इसके अलावा बच्चों को मीनू के अनुसार आहार का वितरण भी नहीं किया जा रहा है। इस तरह स्थिति बहुत ही खराब होने के बावजूद महिला बाल विकास के अधिकारी मौन साधे हुए हैं। छोटे-छोटे बच्चों को स्कूली शिक्षा के पूर्व ही प्रारंभिक शिक्षा मिले तथा उन्हें उपयुक्त पोषण प्रदान किया जा सके, इसके लिए गांव गांव में आंगनबाड़ी केंद्र खोले गए हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के खुलने व बंद करने के लिए निश्चित समय निर्धारित किया गया है, लेकिन यहां पदस्थ कार्यकर्ताओं के द्वारा मनमाने ढंग से केंद्रों को खोला व बंद किया जाता है, जिसके कारण बच्चों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के खुलने का समय सुबह 9.30 तथा बंद होने का समय दोपहर 3.30 बजे है, लेकिन कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं के द्वारा समय का पालन नहीं किया जा रहा है। वहीं कई ग्रामों के आंगनबाड़ी केंद्र तो दोपहर 12 बजे से पहले ही बंद कर दिए जा रहे हैं। कुछ इसी तरह की शिकायत करते हुए ग्राम पंचायत अर्जुण्डा के आश्रित ग्राम खैरमाल के ग्रामीणों ने वहां के आंगनबाड़ी का संचालन सुचारू रूप से नहीं करने का आरोप लगाया है। ग्रामीण गोवर्धन भोई, दिलेश्वर पटेल, लिंगराज बरिहा, महेश पालेश्वर, हरिश्चंद्र भोई, राकेश मिश्रा, नारायण नायक आदि ने बताया कि कार्यकर्ता पंचमी ताण्डी के द्वारा विगत बरसात माह से आंगनबाड़ी भवन का छत खराब होने की वजह से पास के ही नारद के घर के परछी पर आंगनबाड़ी का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ता कभी भी सही समय पर आंगनबाड़ी नहीं खोलती और समय से पहले ही बंद करके चली जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी 12 बजे के पश्चात बंद हो जाता है, इससे बच्चों का भविष्य कैसे सुरक्षित होगा। इस संबंध में कार्यकर्ता पंचमी ताण्डी से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि 17 नवम्बर को मीटिंग थी, इसलिए आंगनबाड़ी बंद था। उनके द्वारा प्रतिदिन आंगनबाड़ी का संचालन किया जा रहा है। इस संबंध में महिला बाल विकास अधिकारी से संपर्क किया गया परंतु संपर्क नहीं हो सका।





























