
हेमंत खूंटे
बसना। शतरंज दिमाग का खेल है इससे खेलने से मानसिक व्यायाम होता है। शतरंज के माध्यम से बच्चों का दिमाग तेज होता है। उक्त बाते मुख्य अतिथि की आसंदी से नगर पंचायत अध्यक्ष संपत अग्रवाल ने आदित्य रेसिडेंशियल स्कूल बसना में खेली जा रही छत्तीसगढ़ स्टेट लेवल ओपन चेस चैंपियनशिप के उद्घाटन अवसर पर कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर स्कूल के प्राचार्य जगन्नाथ मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि शतरंज का खेल बच्चों के जीवन मे चुनौतियों का सामना करने का सशक्त माध्यम है। बतौर विशिष्ट अतिथि रूप में अभिमंयु जायसवाल, श्याम तांडी, सरोज वैष्णव, नागेंद्र राव, डॉ. डीएन साहू , बीजू पटनायक, नकुल साव, विजय धृतलहरे मंचासीन थे। प्रतियोगिता संचालक हेमंत खूंटे ने बताया कि जिला शतरंज संघ महासमुंद एवं फुलझर चेस एसोसिएशन के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस स्पर्धा में प्रदेश के दिग्गज खिलाडियों ने सहभगिता की है। जिसमे महासमुंद, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी, जांजगीर चांपा, रायगढ, बलौदाबाजार, कोरबा, सरगुजा सहित अनेक जिलों से 80 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है। इस स्पर्धा में 33 अंतरराष्ट्रीय वरीयता प्राप्त खिलाड़ी शामिल है। उक्त स्पर्धा में 7 साल के नन्हे शातिर से लेकर 77 साल के अनुभवी खिलाड़ी शतरंज की शह और मात में उलझे हुए है। एस धनंजय, अविन्य मोहन सिंह, रजनीकांत बख्सी, रूपेश मिश्रा जैसे राज्य चैम्पियन तथा पीएल शास्त्री व विनोद शर्मा जैसे वरिष्ठ राष्ट्रीय खिलाड़ियो की सहभागिता से मुकाबला काफी रोचक व कठिन हो गया है। प्रतियोगिता में दिव्यांगजनो व वरिष्ठ नागरिक को प्रमोट करने के उद्देश्य से उन्हें निःशुल्क प्रवेश दिया गया है। 8 चक्रों में खेली जाने वाले इस स्पर्धा के चार चक्र पूर्ण पश्चात प्रतियोगिता के शीर्ष पर चल रहे खिलाडी कार्तिकेश्वर मैत्री ने 4 अंक, विनोद शर्मा ने 4 अंक, एस धनंजय ने 4 अंक, शुभम सिंह ने 4 अंक, अंशुल उप्पल ने 4 अंक हासिल किये।





























