महासमुंद : किसानों को बताया गया कम पानी में खेती करने का तरीका

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के क्षमता निर्माण प्रशिक्षण के तहत आज रविवार को जलग्रहण समिति खुसरूपाली मे महिला स्व सहायता समूहों व कृषकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। शुभारंभ उपाध्यक्ष कृषक कल्याण परिषद छग महेंद्र चंद्राकर ने किया। उपाध्यक्ष महेंद्र चंद्राकर ने कहा कि किसानों की आय दोगुना करने के लिए सरकार तरह-तरह से प्रयास कर रही है। कई ऐसी योजनाएं लाई गई है, जिससे किसान आर्थिक लाभ उठा सकते हैं।इसी तरह की योजना है, जो कम पानी में किसानों को खेती में मदद करती है। अगर कम पानी वाले फसलों से अच्छा उत्पादन हासिल करना चाहते हैं तो प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का लाभ उठाना चाहिए। कृषि सिंचाई योजना का असल मकसद और खेत तक पानी पहुंचाना है। सिंचाई योजना का उद्देश्य खेत तक पानी की पहुंच को बढ़ाना और सुनिश्चित सिंचाई के तहत खेती योग्य भूमि का विस्तार करना है। उन्होंने होने वाले विकास कार्याे के और जल संरक्षण एवं जल संवर्धन को बढ़ावा देने जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए सभी कार्यों में पारदर्शिता रखते हुए निष्ठापूर्वक कार्य कराये जाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि हम सब शिकायत एवं आलोचना से और अपने कर्तव्य पर आगे बढ़े। उन्होंने महिला स्व सहायता समूहों को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत लाभान्वित किये जाने तथा रोजगार उपलब्ध कराए जाने के बारे में बताया। कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत के 17 कृषकों को बैटरी चलित स्प्रेयर का भी वितरण किया गया।
उक्त कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के संरपच हरिश चन्द्राकर, उप संचालक कृषि अमित कुमार मोहंती, सहायक संचालक कृषि उमेश सिंह तोमर, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी रमेश निषाद, सर्वेयर शकुन्तला पैकरा, जल ग्रहण विकास सदस्य उपेन्द्र चन्द्राकर, कमल नारायण साहू व राजेश कुमार साहू के साथ अन्य मौजूद रहे।





















