सरायपाली: 25 साल से उन्हें है यह आनोखा शौक 786 अंक वाले नोट एकत्रित करते हैं कैलाश सेन

सरायपाली। लगभग सभी लोगों को किसी ना किसी चीज का शौक होता है। कुछ लोग गीत संगीत के शौकीन होते हैं, तो कुछ लोग विभिन्न वस्तुओं को एकत्रित करने के शौकीन होते हैं। ऐसे ही सरायपाली में भी एक व्यक्ति हैं जो 786 अंक लिखे हुए नोटों को एकत्रित करते हैं और उसे अपने मुस्लिम साथियों को दे देते हैं। उन्हें यह शौक बीते 25 वर्षों से है जिसमें अब तक वे लगभग 40 से 50 हजार रुपए तक के नोट अपने साथियों को दे चुके हैं।
शहर के वार्ड क्रमांक 10 निवासी कैलाश चंद्र सेन, जो एक निजी फैक्ट्री में सेल्समैन के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें विगत 1997 से मुस्लिम समुदाय के शुभ अंक 786 वाले नोटों को रखने का शौक है। उन्होंने बताया कि वे इसकी शुरुआत अजमेर उर्स से आए एक बाबा के द्वारा दिए 786 अंक वाले नोट से प्रेरित होकर किये हैं। तब से वे लेनदेन करने वाले प्रत्येक नोट के प्रारंभ या अंत के अंक में 786 ढूंढते थे। उनके द्वारा 786 अंक वाले 1, 2, 5, 10, 20, 50, 100, 500 व 1000 रू के कई नोट संग्रहित कर रखा गये थे। पूर्व में उनके द्वारा लगभग 50 हजार रू के 786 अंक वाले नोट उनके परिचित मुस्लिम साथियों को दिया जा चुका है। वे उक्त नोट शौक से अपने लिए नहीं बल्कि मुस्लिम साथियों के लिए एकत्रित करते हैं। अधिक नोट एकत्रित होने पर वे उसे खर्च तो नहीं करते लेकिन उसे देकर अन्य नोट ले लेते हैं। इसके अलावा जिन मुस्लिम भाइयों को उनके पास 786 अंक वाले नोट एकत्रित रखने की जानकारी है, वे स्वयं भी उनसे संपर्क कर उक्त शुभ अंक वाले नोट को सहजता से ले जाते हैं।
























