खेल-खेल में मां का आंचल बना मौत का फंदा….

रविवार शाम करीब सवा 6 बजे पत्नी की जोर से चिल्लाने की आवाज आई। शोर सुनकर भागते हुए दुकान से घर के हॉल में पहुंचा। इसके बाद पता चला कि बड़ा बेटा मानव हाल में साड़ी के झूले में फंसा हुआ है। बेटे के गर्दन में साड़ी फंसी हुई थी। बेटा बेसुध हालत में पड़ा हुआ था।
फंदा खोलकर बेटे को झूले से निकाला और डायल 112 को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस की गाड़ी में बेटे को लेकर दुर्ग जिला अस्पताल गए। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बेटे को मृत घोषित कर दिया। बाद में पता चला कि बड़ा बेटा मानव अपने छोटे भाई आदि के साथ हॉल में लगे साड़ी के झूले में झूल रहा था। झूले के पास में छोटा बेटा खड़ा था। झूलते समय साड़ी का झूला घूम गया। दमघुटने से मौत हो गई।
ऐसे हुई घटना : झूले को राउंड घुमाया और उसी में फंस गया बालक
1 मानव हॉल में लगे साड़ी के झूले में झूल रहा था। पास में उसका छोटा भाई आदि भी था। वह दूसरे कमरे में गया।
2. झूलते समय मानव के गले में साड़ी के झूले का फंदा फंस गया और घूम गया।
3. गर्दन कसने से मानव बेसुध हो गया और दस मिनट तक फंसा रहा।
देखते रहा छोटा भाई : घटना के बाद सबसे पहले छोटा भाई ही पहुंचा
10 मिनट तक छोटे भाई ने नहीं दी सूचना
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में पता चला है कि मानव के हादसे का शिकार होने के बाद उसका छोटा भाई भी घबरा गया। इस वजह से 10 मिनट कर उसने किसी को सूचना नहीं दी। जब उसने भाई को 10 मिनट बाद उठाया और आवाज लगाई तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद उसने घटना अपनी मां को बताई। टीआई भूषण एक्का के मुताबिक घटना का पता रविवार रात करीब 9.45 बजे चला था। सोमवार को शव का पीएम कराया और परिजन को सौंप दिया। परिजनों का बयान नहीं हो पाया है।
मां किचन और पिता पान की दुकान में थे
पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान 12 वर्षीय मानव पिता मनजीत कुंभकार निवासी नया पारा पंचशील नगर के तौर पर हुई है। पूछताछ में पता चला है कि घटना के वक्त मानव की मां घर की पहली मंजिल में बने किचन में खाना बना रही थी। जबकि उसके पिता नीचे अपनी पान की दुकान में थे। वहीं दोनों भाई नीचे हॉल में लगे साड़ी के झूले में खेल रहे थे। परिजन ने बताया कि मानव कक्षा पांचवी में पढ़ाई करता था। अस्पताल से सूचना मिलने के बाद हादसे का पता चला। पुलिस ने परिजन से संपर्क करके मर्ग कायम किया है।



























