जिला कांग्रेस कमेटी महामंत्री जयंत चौधरी ने केंद्र सरकार पर बोला हमला, किसान के हित में कही यह बात.!

सरायपाली(काकाखबरीलाल)। रासायनिक खाद के दामों को लेकर कांग्रेस कमेटी जिला महामंत्री जयंत चौधरी ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला, चौधरी ने कहा कि पिछले साल डी ए पी 1175 रुपये मिल रहा था अब यही खाद 1800 रु में मिलेगा। इसी तरह सुपर और पोटाश के भी दाम बढ़ा दिए गए हैं ।उन्होंने कहा कि बीते एक साल से कोरोना महामारी के चलते आम लोगों के साथ-साथ किसान भी परेशान हैं । ऐसी स्थिति में डीएपी सहित अन्य रासायनिक उर्वरकों के दामों में वृद्धि के चलते किसानों पर दोहरी मार पड़ेगी और वह खरीफ सीजन के लिए खाद खरीदने में असहाय हो जाएंगे।
चौधरी ने कहा की रासायनिक खाद डीएपी के मूल्य में लगभग 58% की एकाएक वृद्धि से किसान हैरान है । अब यह खाद किसानों को 1800 रुपए प्रति बोरी में क्रय करनी होगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 खरीफ सीजन में डीएपी खाद किसानों को 1175 रुपए प्रति बोरी की दर से तथा रबी सीजन 2020–21 में 1200 रुपये प्रति बोरी की दर से प्रदाय की गई थी । इसी तरह रासायनिक खाद एनपीके के दाम में भी प्रति बोरी 565 रूपए की वृद्धि की गई है । अब यह खाद किसानों को 1185 रुपए प्रति बोरी के स्थान पर 1747 रुपये प्रति बोरी देकर खरीदना होगा। सिंगल सुपर फास्फेट के सभी प्रकार के खादों के दाम में प्रति बोरी 5 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। रासायनिक खाद एमओपी के दाम में भी प्रति बोरी 150 रुपए की वृद्धि की गई है। इसका दाम 850 रुपये प्रति बोरी से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति बोरी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे खेती की लागत बढ़ जाएगी । किसानों के ऊपर आर्थिक बोझ पड़ेगा। किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करने वाली केंद्र सरकार खाद के दामों में ही बेतहाशा वृद्धि कर किसानों की लागत मूल्य को ही दोगुनी करने में लगी है। केंद्र सरकार किसान सम्मान निधि योजना की राशि को खाद के दाम बढ़ा करके वसूली करने में लगी हुई है। चौधरी ने यहां तक भी कहा है कि किसान सम्मान निधि देने की बजाय खाद के दाम कम कर दे। उन्होंने केंद्र सरकार से कोरोना संकटकाल में किसानों को राहत देने के लिए रासायनिक उर्वरकों के दामों में हुई वृद्धि को वापस ले। अन्यथा कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार के खिलाफ जनांदोलन छोड़ेगी।
























