शिक्षा का अधिकार बना सबक स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई बंद कलेक्टर और डीईओ पर कार्रवाई के लिए पालक ने हाईकोर्ट की ली शरण

राजनांदगांव( काकाखबरीलाल). सालभर भटकने के बाद भी न्याय नहीं मिलने पर पीड़ित पालक कलेक्टर और डीईओ पर कार्रवाई की मांग को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे हैं. शिक्षा के अधिकार के तहत स्कूल में दाखिल बच्चे के शिक्षा से वंचित होने को लेकर दायर याचिका को हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है.मामला राजनांदगांव स्थित ग्रीन फील्ड सीआईटी अंग्रेजी मीडियम स्कूल का है, जिसे जिला शिक्षा अधिकारी हेतराम सोम ने बंद तो करा दिया, लेकिन स्कूल में प्रवेशित आरटीई के गरीब बच्चों को किसी दूसरे स्कूल में प्रवेश दिलाने का कोई प्रयास नहीं किया गया. बच्चों के शिक्षा बाधित होने से परेशान पालक बीते एक वर्ष से कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी के चक्कर काट रहे हैं.हाईकोर्ट जाने वाले वाले पालक त्रिगुन कुमार सदानी ने बताया कि एक साल बीत जाने के बाद भी 74 गरीब बच्चों की जिम्मेदार अधिकारियों ने सुध तक नहीं ली. इन गरीब बच्चों का एक साल बर्बाद हो गया, दूसरे साल 16 जून से नया सत्र आरंभ हो गया है, लेकिन इन गरीब बच्चों को इस वर्ष भी किसी भी स्कूल में प्रवेश नही दिलाया गया जो संविधान और आरटीई कानून का उल्लघंन है.
गौरतलब है कि ग्रीन फिल्ड इंग्लिश मीडियम स्कूल में बच्चों का आरटीई में लॉटरी के माध्यम से प्रवेश हुआ था, लेकिन अब इन गरीब बच्चों को सरकरी हिन्दी मीडियम स्कूलों में प्रवेश दिलाने का प्रस्ताव दिया गया है, जिससे पालक दुखी और व्यथित है. हाईकोर्ट में याचिका लगाकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए अपने बच्चों को किसी दूसरे सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में प्रवेश दिलाने की मांग की है.
पैरेंट एसोसिशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने कहा कि पीड़ित पालकों की याचिका को हाईकोर्ट ने स्वीकार कर ली है, और अब इस मामले में जल्द सुनवाई की उम्मीद है. ग्रीन फिल्ड इंग्लिश मीडियम स्कूल की तरह प्रदेश में लगभग पांच सौ स्कूल बंद हुए हैं. अभी तक वहां शिक्षा के अधिकार के तहत पढ़ने वाले बच्चों की जानकारी स्कूल शिक्षा विभाग के पास नहीं है.


























