कभी माली बना दिया जाता हूं तो कभी नौकर! कुछ बोलने पर गाली-गलौज की जाती है, मैं अब ये मानसिक पीड़ा नहीं सह सकता, इसलिए…….”

धमतरी । मुझसे माली से लेकर बर्तन धुलाने तक का काम करवाया जाता है। इतना ही नहीं जब मैं अपनी परेशानी उच्च अधिकारियों से कहता हूं तो मुझसे गाली गलौज भी की जाती है, इसलिए मैं इस्तीफा देना चाहता हूं”।
यह शब्द धमतरी के एक आरक्षक के हैं। जिनका नाम उज्जवल दीवान बताया जा रहा है। आरक्षक ने प्रताड़ना का एक वीडियो बनाकर इंटरनेट पर वायरल किया है और उन्होंने एसपी के नाम ज्ञापन सौंपकर अपना इस्तीफा दिया है।
आरक्षक के मुताबिक उनसे घर के सारे काम नौकरों की तरह करवाए जाते हैं और जब भी वे अपनी समस्या बताते हैं, तो उनके साथ गाली-गलौज की जाती है । अगर किसी अधिकारी से वे शिकायत करते भी हैं, तो उल्टा उन्हें नोटिस दिया जाता है। इसके बाद लाइन अटैच निलंबन जैसी कई कार्रवाई की जाती है।
वर्षों से पुलिस वाले वेतन की मांग को बढ़ाने की बात कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगे अभी तक पूरी नहीं हुई है। जबकि कोरोना काल में भी उनके 1 दिन का वेतन काट लिया जा रहा है।
बता दें कि उज्जवल मूल रूप से दुर्ग के रहने वाले हैं जो 11 सालों से पुलिस की नौकरी कर रहे हैं। उनका एक बेटा है और घर में उनके माता-पिता भी रहते हैं। हाल ही में जल के पिता भी हवलदार के पद से रिटायर हुए हैं। उज्जवल की मानें तो उनके पिता ने भी पुलिस अधिकारियों की सालों से प्रताड़ना झेली है।
उज्जवल ने पत्र में लिखा है कि इसी प्रताड़ना की वजह से कई पुलिस जवान आत्महत्या कर लेते हैं, लेकिन सरकार यह कहती रहती है और अधिकारी भी यही कहते रहते हैं कि हम काउंसलिंग करवा रहे हैं कि किस वजह से जवान सुसाइड करते हैं। उज्जवल ने कहा कि वे अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे। जब तक पुलिस जवानों पर हो रही प्रताड़ना बन्द नहीं हो जाती।




























