कोरोना काल में फ्रंट लाइन में रहकर काम करने वाले शिक्षकों को कोरोना वेरियर्स का दर्जा मिले साथ ही 50 लाख का बीमा कवर दे सरकार – डॉ अनामिका पॉल

महासमुंद(काकाखबरीलाल)। छत्तीसगढ़ में कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। रोज सैकड़ो लोगों की कोरोना से मौत हो रही है। इसी के साथ भी कोरोना टीकाकरण भी रफ्तार पकड़ रहा है। इस बीच शालेय शिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार से कोविड 19 की ड्यूटी में तैनात राज्य के शिक्षकों को फर्स्ट लाइन कोरोना वारियर्स घोषित करने के साथ 50 लाख बीमा कवर की मांग कर रहा है। इनके मांगो को समर्थन करते हुए छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष डॉ अनामिक पॉल ने भी इनका समर्थन किया है और कोरोना काल में फ्रंट लाइन में खड़े शिक्षक लोगों को 50 लाख तक का बीमा कवर मिले इसकी मांग की हैं।
डॉ अनामिका पॉल ने कहा कि कोविड की स्थिति राज्य में बहुत गंभीर बनी हुई है, जिसमें फ्रंट लाइन में काम करने वाले प्रदेश के शिक्षक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है ऐसे में प्रदेश के मुखिया को इनकी ओर संज्ञान लेते हुए सभी शिक्षकों को 50-50 बीमा कवर का लाभ देना चाहिए। साथ ही कोरोना काल मे ड्यूटी कर रहे सभी शिक्षकों के सुरक्षा का खयाल रखना चाहिए।
आगे उन्होंने कहा कि प्रदेश में विद्यालय बंद होने के बावजूद शिक्षकों को विद्यालय बुलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों का विद्यालय में पढ़ाने के अलावा कोई कार्य नहीं होता है। ऑनलाइन पढ़ाई वे घर से भी करा सकते हैं। जिसका रिपोर्ट पोर्टल से मिल जाता है। वर्तमान में बहुत से शिक्षक कोविड से संक्रमित हो रहे हैं और वाहक के रूप में भी कार्य कर रहे हैं, जिससे शिक्षकों के जीवन पर खतरा बना हुआ है।
विगत दिनों से जिले सहित पूरे प्रदेश में कई शिक्षकों के मौत की खबरें भी आ रही हैं, जो चिंताजनक है। ऐसे में शासन को चाहिए कि शिक्षकों को घर पर ही रहकर ऑनलाइन पढ़ाने का कार्य सौंपा जाए अथवा बारी-बारी से शालाओं में बुलाया जाए, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो।
कोविड-19 के रोकथाम के लिए वैक्सीनेशन का कार्य भी जारी है। 1 अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले सभी नागरिकों को वैक्सीनेट किया जा है। जिसमे शिक्षकों की भी मदद ली जा रही है। ज्ञात हो कि कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के कार्य में शिक्षक अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं। शिक्षकों को वैक्सीनेशन कार्य मे सम्मलित करने से संगठन को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन संघ शिक्षकों के स्वास्थ्य के प्रति कुछ चिंताएं हैं, उसे डयूटी लगाते समय ध्यान रखा जाए।
प्राप्त जानकारी अनुसार प्रदेश में को रोना ड्यूटी करते हुए एक सौ से अधिक शिक्षकों की मृत्यु हो चुकी है, पर उन्हें 50 लाख के बीमा कवर में शामिल नहीं किया गया है साथ ही अब तक शिक्षकों को कोरोना वेरीयर्स का दर्जा नहीं दिया गया है इसे शिक्षकों में काफी आक्रोश है।
























