इंसानियत हुआ शर्मसार गाँव के लोगों ने नहीं दिया अंतिम संस्कार करने तो साइकिल पर शव लेकर घूमता रहा वृध्द

जौनपुर. इंसानियत शर्मसार कर देने वाली तस्वीर आई है. कोरोना के डर से गांव वालों नें अंतिम संस्कार नहीं करने दिया. पत्नी के शव को साइकिल पर लेकर बुजुर्ग घूमता रहा. पुलिस ने बुजुर्ग की मदद की तब बड़ी मुश्किल से अंतिम संस्कार हो पाया.मड़ियाहूं कोतवाली के अम्बरपुर गांव निवासी तिलकधारी सिंह की पत्नी राजकुमारी देवी (55) की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई थी. कोरोना का खौफ इस कदर लोगों में बैठा हुआ है कि यहां पर एक बुजुर्ग को ग्रामीणों ने उनकी पत्नी का अंतिम संस्कार ही नहीं करने दिया. बुजुर्ग पत्नी के शव को साइकिल पर लेकर घंटों भटकता रहा. किसी ने पड़ोसी धर्म तक नहीं निभाया. महिला की अर्थी को कंथा देने के लिए चार लोग तक बुजुर्ग को नसीब नहीं हुए.पुलिस को इस मामले की खबर मिलते ही वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और बुजुर्ग की मदद करते हुए उनकी पत्नी का अंतिम संस्कार रामघाट पर करवाया. बताया जा कहा है कि बुजुर्ग अकेला ही पत्नी के शव को साइकिल पर लाधकर गांव की नदी पर लेकर पहुंचा था, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें अंतिम संस्कार नहीं करने दिया.






























