रायगढ़

बाड़ी विकास से जुड़कर स्व-सहायता समूह की महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर

(रायगढ़ काकाखबरीलाल)शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा एवं बाड़ी योजना अंतर्गत रायगढ़ जिले की स्व-सहायता समूह की महिलाएं रोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही है। लैलूंगा विकास खण्ड के ग्राम कोड़ासिया गौठान में लक्ष्मी महिला समूह की 44 महिलाएं सदस्य द्वारा 1.5 हेक्टेयर में आलू एवं एक हेक्टेयर में प्याज लगाया गया है। खरसिया विकास खण्ड ग्राम जोबी के गौठान में उजाला महिला स्व-सहायता समूह की 12 महिलाओं ने 1.5 एकड़ में लौकी प्याज और मेथी भाजी की खेती बाड़ी में की गई। इसी प्रकार सारंगढ़ विकास खण्ड के संध्या स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने ग्राम कोसीर गौठान में 5 महिला समूह द्वारा 38 महिलाओं ने  5 एकड़ में बाड़ी विकास के कार्य किए हैं। उन्होंने बाड़ी में सरसों, आलू, गेहूं, चना की खेती की है। साथ ही पपीता भी लगाए गए है।  शासन की नरवा गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना के तहत जिले के अन्य गौठानों में महिला समूह की 122 सदस्यों द्वारा बाड़ी विकास के कार्य किए जा रहे है। इनमें कोसमनार गौठान, तेंदुमुडी, पंडरीपानी, एडुकेला, आमगांव, केराबहार में बाडी विकास के कार्य किए गए। समूह की महिलाएं स्वालंबन की डगर पर अग्रसर हुई है। उन्होंने शासन की योजना की सराहना करते हुए। महिलाओं के लिए सार्थक कदम बताया।

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छत्तरसिंग पटेल

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