नहीँ निकाल पा रहा हाथियों से ग्रामीण और फसलों को बचाने का कोई उपाय वन अमला।

नंदकिशोर अग्रवाल,पिथौरा नगर-विगत कई वर्षों से पिथौरा क्षेत्र के आस पास हाथियों का आगमन होता रहा है।जिससे क्षेत्र के ग्रामीण परेशान रहते हैं। तथा अपनी जान माल तथा अपनी फसल की सुरक्षा के लिए शासन तथा प्रशासन से गुहार लगाता रहा है।लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद भी प्रशासन क्षेत्र की जनता को इनकी समस्या से निजात दिलाने में असफल रहा है।दरअसल यहां विचरण करने वाले हाथियों को यहां का वातावरण काफी रास आ गया है।और वे यहां अपना कॉरिडोर बना लिए हैं।जिससे ये जंगल के रास्ते खेत खलिहानों में पहुंच किसानों की खड़ी फसलों को तो नुकसान पहुचाते ही हैं।साथ ही ग्रामीणों की जान भी लेने से गुरेज नहीं करते। वहीं वन अमला इनको जान के बदले मुवावजा दे कर अपने कर्तब्यों की इतिश्री कर लेता है।पिछले वर्ष हाथियों को काबू में करने के लिए कर्नाटक से कुमकी हाथियों को लाया गया था।जिसे दो साल तक ट्रेनिगं दि गई तथा बाद में करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद उन्हें यूँ ही वापस भेज दिया गया।जिससे जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा बर्बाद ही हुआ।और ग्रामीण फिर से नाउम्मीद हो गए। अब क्षेत्र के ग्रामीण खास कर सिरपुर क्षेत्र के लोग अपनी समिति हाथी भगाओ समिति बना कर रात को पारी पारी जग कर हाथियों से अपनी जान तथा ग्रामीणों के खेत खलिहानों की सुरक्षा खुद कर रहे हैं।गांवों में हाथियों के आ धमकने का गर्मियों में जंगल के अंदर पानी के स्रोत के सूखने से पानी का अभाव भी एक कारण है जिससे हाथी आक्रामक हो कर गांवों के अंदर प्रवेश कर तांडव करते हैं।वही ग्रामीणों की हाथियों के प्रति उत्सुकता भी वन विभाग के लिए समस्या बनती है।हाल फिलहाल प्रसाशन अपनी मजबूरी पर विवश है वहीं ग्रामीणों को समझ में नहीं आ रहा कि करें तो क्या करें। वहीं पास में लगे बार नया पारा अभ्यारण में भी पर्यटकों पर हाथियों के आतंक का असर साफ देखा जा रहा है।वर्तमान जो भी पर्यटक जंगल घुमने आते हैं। उन्हें गाइड हाथियों के भय से ठीक से भ्रमण नही करा पाते।पुछने पर कारण हाथियों का जंगलके स्वक्छन्द विचरण करने को बताते हैं।जिससे पर्यटकों में निराशा का भाव आता है।यही कारण है की अभ्यारण में पर्यटकों की कमी से आमदनी की कमी भी आई है।उच्चवनाधिकारियों की माने तो उन्होंने अभी हार नहीं मानी है।और हाथियों को वश में करने के इंतजमात किये जा रहे हैं।






























