महासमुंद

जिला कलेक्टर ने समय-सीमा मामलों पर की विस्तृत चर्चा

जप्त धान का भी भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करें – कलेक्टर लंगेह

धान उठाव की समीक्षा, लगभग 50 प्रतिशत धान का उठाव किया गया

अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति और ई-फाइलिंग पर जोर दिया गया,

काकाखबरीलाल@डेस्करिपोर्ट। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10ः30 बजे से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित कर जिले में संचालित शासकीय योजनाओं, कार्यक्रमों एवं आगामी आयोजनों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा वीसी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर लंगेह ने धान उठाव की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन उपार्जन केंद्रों में डीईओ के विरुद्ध धान का उठाव लंबित है, वहाँ प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र उठाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने तथा धान खरीदी पूर्णतः प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जप्त किए गए धान स्टॉक का भौतिक सत्यापन में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। जप्ती के अनुरूप धान का मिलान करें। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसी तरह समितियों में स्टेक का भी सत्यापन सुनिश्चित करें। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि जिले में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर कुल 10 लाख 19 हजार 568 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। 17 फरवरी की स्थिति में कुल 7 लाख 57 हजार 411 मीट्रिक टन धान के लिए डीओ जारी किया गया है। जिसके विरूद्ध अब तक 5 लाख 11 हजार 538 मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।
बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीईसी एवं एल्बेंडाजोल दवा का वितरण एवं सेवन निर्धारित समय-सारणी एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए तथा दवा सेवन स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में कराया जाए। उन्होंने कहा कि केवल वितरण ही पर्याप्त नहीं बल्कि उसका सेवन भी आवश्यक है। कलेक्टर ने वजन त्यौहार की समीक्षा करते हुए कहा कि वजन त्यौहार में प्राप्त आंकड़ों का सही एंट्री कराना सुनिश्चित करें। इससे 0 से 5 वर्ष के बच्चों के पोषण का सही आंकलन करने में मदद मिलती है।
बैठक में आधार बेस्ड उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य रूप से पालन करने कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी-कर्मचारी प्रतिदिन सुबह 10 बजे कार्यालय में उपस्थित रहें। उपस्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को मंगलवार और बुधवार को कार्यालय में रहने के निर्देश दिए है। ई-ऑफिस प्रणाली को लेकर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी फाइलों का मूवमेंट ई-फाइल के माध्यम से ही किया जाए, यह अनिवार्य है। इससे कार्यों में पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित होगी।
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा गढ़पुलझर, झलप, खल्लारी, सलखण्ड एवं दुर्गापाली में की गई घोषणाओं के समय-सीमा में तथा गुणवत्ता पूर्ण क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य सचिव द्वारा किए गए समीक्षा के अनुरूप विभिन्न विभागों के व्यापक समीक्षा की और शासन से प्राप्त निर्देशानुसार क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं को ध्यान में रखते हुए जिले को विकास क्रम में अग्रणी बनाए रखना है।
कलेक्टर ने नियुक्त नोडल अधिकारियों को पीएमश्री का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनहित के कार्यों में तेजी, गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, तथा समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करना सभी विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने खनिज परिवहन पर सतत निगरानी रखते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त बैठक में अन्य शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही उन्होंने पीएम जनमन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, समय-सीमा पत्रक और राजस्व प्रकरणों, लोक सेवा गारंटी की समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

AD#1

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!