कर्राभौना के गौरव हरीश के प्लाटून कमांडर के चयन पर गांव में हुआ सम्मान : आरक्षक रहते की तैयारी, खाली समय में मोबाइल से करते थे क्लास

- गांव के गौरव हरीश के प्लाटून कमांडर के चयन पर गांव में हुआ सम्मान समारोह
- आरक्षक रहते की तैयारी, खाली समय में मोबाइल से करते थे क्लास
- हरीश ने गांव के युवाओं को बताया सफलता का मूलमंत्र, गरीबी से बढ़कर कोई मोटिवेशन नहीं
विजय चौहान@बसना। आज के समय मे सरकारी नौकरी का सपना हर किसी का होता है। सपने संजोय हर वर्ष लाखों युवा सरकारी नौकरी की तैयारी के सफर में निकल पड़ते हैं लेकिन फिर भी हर साल केवल कुछ लोगों को छोड़ लाखों लोगों को निराशा का सामना करना पड़ता है लेकिन इन लाखों में कुछ चुनिंदा लोग होते हैं जो अपना मुकाम हासिल कर सरकारी नौकरी का सपना पूरा करते हैं। ऐसा ही एक मामला बसना ब्लॉक अंतर्गत कर्राभौना गांव का है जहां के युवा हरीश खुटे ने वो कर दिखाया जो लाखों युवा नहीं कर पाए। पुलिस विभाग के आरक्षक पद में पदस्थ रहते हुए हरीश खुटे ने पिछले वर्ष सब इंस्पेक्टर 2021 का परीक्षा दिलाया और फिर प्लाटून कमांडर के पद पर चयनित हुए।
बता दें सालों बाद 2024 में जब सब इंस्पेक्टर भर्ती का रिजल्ट आया तब उसमें हरीश खुटे का नाम प्लाटून कमांडर के लिस्ट में था जिसे देख गांव में काफी हर्ष था वहीं अब राज्य में अब सब इंस्पेक्टर सहिंत प्लाटून कमांडर का जॉइनिंग लेटर आने का सिलसिला शुरू हुआ तो गांव के हरीश के पास भी प्लाटून कमांडर के पद के लिए कुछ दिन पहले लेटर पहुंचा जब गांव वालों को इसकी जानकारी हुई तो गांव वालों ने अपने खुशियों का इजहार किया और हरीश के सम्मान में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जहां हरीश खुटे सहिंत उसके माता – पिता का भव्य सम्मान किया गया साथ ही गांव के युवाओं ने हरीश को गांव का गौरव बताते हुए बाकी युवाओं को भी ऐसे ही आगे बढ़ने व हर क्षेत्र के गांव का नाम रोशन करने प्रेरित किया गया। जहां पर गांव के बुजुर्ग, युवा, बच्चे सहिंत युवाओं के अपनी सहभागिता निभाई और गुलाल, फूलमाला पहनाकर हरीश खुटे को सम्मानित किया गया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।
उक्त सम्मान समारोह के सूत्रधार मनीराम निषाद , भारत सिदार, नंदकुमार चौहान व नवरतन चौहान सहिंत गांव के युवा थे। जिन्होंने इस कार्यक्रम को आनन फानन से वृहद एंव शानदार तरीके से आयोजित किया।
0 सफलता का श्रेय माता-पिता, पत्नी सहिंत गुरुजनों को दिया
हरीश खुटे ने बताया कि गांव के ही सरकारी स्कूलों से बारहवीं तक शिक्षा प्राप्त करने के कुछ सालों बाद 2010 में उनका चयन आरक्षक के पद पर हुआ जहां 2010 से 2020 तक रायपुर जिला में पदस्थ थे उसके बाद 2020 से 2025 तक गृह जिला महासमुंद आ गए इसी बीच छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग की भी तैयारी करते रहें। इसी बीच उनकी शादी भी हुई लेकिन वे वहां नहीं रुके उन्होंने आगे तैयारी जारी रखा और ड्यूटी से जब भी समय मिलता अपनी तैयारी जारी रखते। उन्होंने बताया कि ड्यूटी के दौरान तैयारी करना बहुत मुश्किल होता था लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और मोबाइल के माध्यम से तैयारी जारी रखा। उन्होंने मोबाइल का सहीं उपयोग करने का सलाह दिया और आगे बताया कि वे ऑनलाइन व यूट्यूब से क्लासेज अटेंड किये जब भी ड्यूटी के दौरान खाली समय मिलता क्लास देख लेते थे। इसी बीच अपनी नौकरी सहिंत घरवालों का भी ध्यान रखना होता था इस स्थिति में उसके माता-पिता व पत्नी सहिंत पूरे परिवार का पुरा सहयोग रहा। वे सफलता का श्रेय माता-पिता, पत्नी सहिंत अपने मार्गदर्शकों और शिक्षकों को दिया है।
यह रहे मौजूद
कार्यक्रम के रूपरेखा में मुख्य रुप से मनीराम निषाद, भारत सिदार वहीं कार्यक्रम के संचालन में नवरतन चौहान, नंदकुमार चौहान का अहम भूमिका रहा। साथ ही लकेश्वर चौहान , दिलप्रसाद चौहान सहिंत यूथ यूनियन अध्यक्ष नीलमणी सिदार, विजय कुमार चौहान नवनिर्वाचित सरपंच मेघमोती सिदार, रूपसिंह सिदार, बाबूलाल निषाद, प्रेम निषाद, केदार खुटे व गांव के वार्ड पंच एंव काफी अधिक संख्या में गांववासी मौजूद रहे।





























