सरायपाली : काटा गया बरसों पुराना पीपल का पेड़

सरायपाली. नगर के मुख्य मार्ग पर स्थित सैकड़ों साल पुराने कई पेड़ राहगीरों के लिए दुर्घटना का सबब बने हुए थे। आए दिन इन पेड़ों की डालियां टूट कर गिर रही थी। जिससे लोगों को हादसे का खतरा बना हुआ था। नगर पालिका के द्वारा इसे संज्ञान में लेते हुए 28 अगस्त को पुराना सरकारी अस्पताल के सामने स्थित एक पीपल के खोखले पेड़ को निजी व्यय से कटर खरीदकर काटा गया है। नगर के मुख्य मार्ग पर पुराने सरकारी अस्पताल के सामने, पदमपुर रोड बस्ती तालाब के पास, सरायपाली से झिलमिला कुश इलेक्ट्रीकल के आसपास सैकड़ों साल पुराने पेड़ खडे हैं, जिनकी टहनियां सड़क के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुंच रही थी। ये पेड़ बहुत पुराने होने के कारण कई बार इसकी टहनियां टूट कर गिर गई है। इससे कभी भी बड़ी दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता था। वहीं अभी भी कुछ जगहों के पेड़ जस के तस हैं, जिनमें से सरसीवां रोड पर कुछ दिन पहले 2 बार पेड़ की टहनियां टूट चुकी है, लेकिन उस पेड़ को अभी तक नहीं काटा गया है। वहीं राम मंदिर के सामने स्थित बड़े पुराने विशालकाय पेड़ के नीचे से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। झिलमिला रोड पर कुश इलेक्ट्रीकल के समीप दो पुराने पीपल के पेड़ हैं, जहां कई बार दोनो पेड़ की टहनियां टूट चुकी हैं। यहां भी राहगीरों एवं स्कूल आने-जाने वालों बच्चों के लिए खतरा हमेशा बना रहता है। नगर पालिका अध्यक्ष अमृत पटेल से इस संबंध में पूछ गया तो उन्होंने बताया कि पालिका के रोड पर स्थित समस्त पेड़ों की कटाई का कार्य फारेस्ट विभाग का होता है। परंतु जनहित को ध्यान में रखते हुए पालिका ने निजी व्यय करके रोड किनारे स्थित सैकड़ों साल पुराने पेड़ों की कटाई छंटाई करने के लिये अनुविभागीय अधिकारी की अनुमति लेकर 28 अगस्त को पुराना सरकारी अस्पताल के समीप स्थित 100 साल पुराना पीपल का पेड़ जो भीतर से खोखला हो गया था और कभी भी गिर सकता था, उसे काटा गया। इस पेड़ की कटाई के लिए 2 दिन तक सर्वे किया गया, फिर बूमर लिफ्ट व्हीकल की सहायता से कटर खरीदकर इस पेड़ को काटा गया। इसी प्रकार शहर के अन्य पेड़ों का भी सर्वे किया जाएगा, उसके पश्चात कटाई छंटाई की जाएगी।





























