सरायपाली :बालिकाओं ने सीखा आत्मरक्षा के लिए कराते

स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ठ विद्यालय सरायपाली में खाकी के रंग स्कूल के संग अभियान कम्यूनिटी पुलिसिंग अंतर्गत जिला पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (आईपीएस) के निर्देशन एवं प्राचार्य पीके ग्वाल के मार्गदर्शन में विद्यालय के बालिकाओं को कुशल कराते प्रशिक्षिका रोशना डेविड और अन्नू भोई द्वारा आत्मरक्षार्थ कराते ट्रेनिंग दिया गया। मिडिल स्कूल प्रधान पाठक यशवंत चौधरी कराते एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा कराते ब्लैक बेल्ट शो डॉन की उपाधि प्राप्त राष्ट्रीय कराते प्लेयर एवं अनुभवी प्रशिक्षक ने बताया कि खाली हाथ से जोखिम के दौरान अपनी सुरक्षा के लिए कराते प्रशिक्षण को कारगर करार दिया। साथ ही इसे बालिका सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक कदम बताया। विद्यालय के बालिकाओं को इसका लाभ मिलना खुशी का विषय है। बेटियों को आत्मनिर्भर बनने, हर मुकाबले से सामना करने तैयार रहने स्कूली बालिकाओं को कराटे का प्रशिक्षण दिया जाना गर्व की बात है। प्राचार्य ग्वाल ने कहा कि
आत्मरक्षा जीवन कौशल है, जो बालिकाओं को अपने परिवेश के बारे में अधिक जागरूक होने और अप्रत्याशित परिस्थितियों के लिए तैयार रहने में मदद करता है। शिक्षिका रश्मि राजा ने कहा कि बालिकाओं में कराते प्रशिक्षण के माध्यम से ऐसा जज्बा लाना है कि वह सशक्त हो सकें। कराटे में मानव शरीर पंच, ब्लॉक और किक की तकनीकों के जरिए आत्मरक्षा के सबसे प्रभावशाली तरीके सीखता है। यह किसी व्यक्ति के तन और मन दोनों को संतुलित करता है। कराते आत्मरक्षा की कला सिखाता है, लेकिन इसका एकमात्र मकसद आत्म सुधार है। कराते सीखने के बाद उसे अभ्यास में लाकर अपनी कला को तराशना सबसे अहम होता है। अपने आपको वार्म अप करना और स्ट्रेच करना, कराटे मूव्स-पंच, ब्लॉक और किक जानना जरूरी है। साहस, चपलता, आत्मसुरक्षा जैसे गुणों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भी यह प्रशिक्षण जरूरी है। स्वामी आत्मानंद स्कूल की छात्राओं ने आत्मरक्षा के पैंतरे सीखे। इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षक श्यामसुंदर दास, विनोद चौधरी, रूपसिंह यादव, विशिकेशन नैरोजी, गजानंद प्रधान, रश्मि राजा उपस्थित रहे।
























